चित्तौड़गढ़ में अनोखी प्रेम कहानी: पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी ने भी तोड़ा दम, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

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Even death could not break their union: An elderly couple in Chittorgarh fulfilled a lifelong promise.

बावरियों का खेड़ा गांव में बुजुर्ग दंपती की साथ जीने-मरने की मिसाल, बैंड-बाजे के साथ निकली अंतिम यात्रा

चित्तौड़गढ़ | न्यूज डेस्क रिपोर्ट
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक बेहद भावुक और दुर्लभ घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। कांकरवा क्षेत्र के बावरियों का खेड़ा गांव में 90 वर्षीय हरिराम जाट के निधन की खबर मिलते ही उनकी पत्नी रानी बाई जाट ने भी कुछ ही पलों में प्राण त्याग दिए। इस घटना को ग्रामीण गहरे प्रेम और आत्मिक जुड़ाव की मिसाल मान रहे हैं।

उदयपुर में इलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों के अनुसार हरिराम जाट लंबे समय से बीमार थे और उदयपुर में उनका इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। जब उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया तो पूरे गांव में शोक की लहर छा गई।


पत्नी ने भी तुरंत तोड़ा दम
पति के निधन की खबर सुनते ही पहले से अस्वस्थ चल रही पत्नी रानी बाई ने भी कुछ ही क्षणों में दम तोड़ दिया। इस अप्रत्याशित घटना ने परिजनों और ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया।

साथ निकली अंतिम यात्रा
दंपती के अटूट रिश्ते को देखते हुए ग्रामीणों ने दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकालने का फैसला लिया। बैंड-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में दोनों की अर्थियां साथ-साथ चलीं। बड़ी संख्या में लोग इस दृश्य के साक्षी बने।
एक ही चिता पर अंतिम संस्कार
शमशान घाट पर भी भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जहां दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। एक ही अग्नि में पंचतत्व में विलीन हुए इस दंपती ने जीवन और मृत्यु दोनों में साथ निभाने की अनोखी मिसाल पेश की।

ग्रामीण बोले – ऐसा पहली बार देखा
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा दृश्य देखा है, जहां मौत भी पति-पत्नी को अलग नहीं कर सकी।

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Author: chittorgarhnews

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