Worker dies in Wonder Cement plant accident, strike ends after agreement on compensation

निंबाहेड़ा, 23 मार्च। उपखंड क्षेत्र स्थित Wonder Cement प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे में श्रमिक बंशीलाल उर्फ विष्णु मेघवाल की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। मृतक अपने परिवार का एकमात्र सहारा था, जिसकी असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
Nimbahera Rajasthan ,23 March. Anger spread in the area after the tragic death of worker Banshilal, also known as Vishnu Meghwal, at the Wonder Cement Plant in the subdivision. The deceased was the sole support of his family, whose
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्थानीय अस्पताल पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने कुछ समय के लिए रास्ता जाम करने का प्रयास भी किया, जिसे प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समझाइश के बाद शांत कराया।
Following the incident, a large number of villagers rushed to the local hospital and protested against the factory management. The angry crowd even attempted to block the road for a while, but authorities intervened on the spot.
परिजनों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने मौत की सूचना कई घंटों तक छुपाए रखी। साथ ही प्लांट में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले भी हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मौन बना हुआ है।
The family alleged that the factory management withheld information about the death for several hours. Also, alleging continued disregard for safety standards at the plant, the villagers said similar accidents have occurred before.
मृतक की पारिवारिक स्थिति को देखते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा बच्चों के पालन-पोषण व शिक्षा की जिम्मेदारी कंपनी द्वारा उठाने की मांग रखी। मांगों को लेकर परिजन और समाज के लोग धरने पर बैठ गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
देर रात तक चली वार्ता के बाद प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच सहमति बनी, जिसमें मृतक के परिजनों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता, पत्नी को योग्यतानुसार नौकरी और बेटी को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
After talks that lasted late into the night, an agreement was reached between the administration and the company management, which included providing financial assistance of ₹25 lakh to the family of the deceased, a job to the wife as per her qualifications and free education to the daughter.
धरनास्थल पर मेघवाल समाज के लोगों के साथ भूपेंद्र सिंह बड़ौली भी मौजूद रहे और पीड़ित परिवार के समर्थन में डटे रहे। समझौते के बाद समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। इस निर्णय को एकजुटता और संघर्ष की जीत माना जा रहा है।
हालांकि, लगातार हो रहे हादसों को लेकर खनन विभाग और प्रशासन की भूमिका पर अब भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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