The issue of regularizing NREGA contract workers resonated in the Assembly, MLA Chandrabhan Singh Akya was felicitated.

17 वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्यरत कर्मियों ने जताई उम्मीद, जल्द कार्यवाही का मिला आश्वासन
चित्तौड़गढ़, 01 मार्च। चंद्रभान सिंह आक्या द्वारा हाल ही में विधानसभा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के संविदा कर्मियों को नियमित करने का मुद्दा उठाने पर रविवार को नरेगा संविदा कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने उनका अभिनंदन किया।
महात्मा गांधी नरेगा संविदा कार्मिक संघ के रतनलाल शर्मा ने बताया कि नरेगा संविदाकर्मी पिछले 17 वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्य करते हुए नियमित होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्ष 2022 में राज्य सरकार स्तर पर इन्हें संविदा सेवा नियम में शामिल कर दो वर्ष में नियमित करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
विधानसभा के मौजूदा सत्र में विधायक आक्या ने जोरदार तरीके से यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि नरेगा संविदा कर्मी वर्षों से कम वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं और इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो रहा है। उन्होंने सरकार से कर्मियों की मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए शीघ्र नियमित करने की मांग की। इस पर विभागीय मंत्री ने आवश्यक कार्यवाही जल्द करने का आश्वासन दिया।
विधायक द्वारा मुद्दा उठाए जाने से नरेगा संविदा कर्मियों में हर्ष व्याप्त है और उन्हें अब नियमित होने की उम्मीद जगी है। रविवार को बड़ी संख्या में नरेगा संविदा कर्मियों ने विधायक आक्या के कार्यालय पहुंचकर उपरना ओढ़ाकर एवं मेवाड़ी पाग पहनाकर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर राजेन्द्र बारबर, रतनलाल शर्मा, पारस सालवी, राजेन्द्र शर्मा, भेरूलाल रेगर, देवेन्द्र सिंह चुण्डावत, गोपाल मेनारिया, बंशीलाल गुर्जर, गोपाल दास वैष्णव, नाथुलाल माली सहित अन्य मौजूद रहे।
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