Hindustan Zinc undertakes extensive tree plantation on World Environment Day, pledges to adopt a green lifestyle

चित्तौड़गढ़, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्पलेक्स (सीएससी) में सघन वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बिजनेस पार्टनर्स ने प्रकृति संरक्षण और स्वच्छ-हरित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अधिकारी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आशीष बोरासी ने नीम का पौधा रोपित कर किया। उन्होंने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस वर्ष का विषय “Inspired by Nature for Climate, for Future” है, जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रकृति आधारित समाधानों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
विशिष्ट अतिथि एवं एसबीयू डायरेक्टर, चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्पलेक्स आलोक रंजन ने कहा कि सीएससी में कार्य संस्कृति के केंद्र में सस्टेनेबिलिटी है। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग, संचालन में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने तथा कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इकाई अपने नेट-जीरो लक्ष्य की ओर मजबूती से अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि चंदेरिया में जल प्रबंधन भी प्राथमिकता में शामिल है। उन्नत उपचार एवं पुनः उपयोग प्रणालियों के माध्यम से ताजे पानी की खपत कम करने के साथ कार्यक्षमता बढ़ाई जा रही है। हाल ही में आयोजित किला एवं नदी सफाई अभियानों में मिली जनभागीदारी इस बात का प्रमाण है कि सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिल सकती है।
सह महाप्रबंधक (पर्यावरण) मनीषा भाटी ने बताया कि परिसर में लगभग दो हजार पौधों का रोपण किया गया है। वृक्षों की सघनता बढ़ाने के लिए चरणबद्ध योजना तैयार की गई है, जिसके तहत आगामी समय में भी व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।
कार्यक्रम में फैक्ट्री मैनेजर पुष्पेंद्र मीना, के. महेश कन्नन, रिपन घोष, पवन बहेती, ममता शर्मा, यूनियन पदाधिकारी रणजीत सिंह भाटी, एस.के. मोड, जी.एन.एस. चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं बिजनेस पार्टनर्स ने भागीदारी निभाई। आयोजन को सफल बनाने में पर्यावरण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर एवं प्रभावी प्रयास करने का संकल्प लिया।
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