Pilgrims from across the country gathered for the 85th annual Urs of Hazrat Deewana Shah Baba.

The ceremony began with the Chhathi Sharif gathering of Khwaja Gareeb Nawaz.
चादरपोशी, कव्वाली और लंगर से गुलज़ार हुई दरगाह
कपासन/चित्तौड़गढ़, 21 जुलाई। प्रख्यात सूफी संत हज़रत दीवाना शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह के 85वें सालाना तीन दिवसीय उर्स का आगाज़ मंगलवार को हज़रत ख़्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह की छठी शरीफ की महफ़िल से हुआ।
औलिया मस्जिद के पेश इमाम द्वारा तिलावत-ए-क़ुरआन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद महफ़िल-ए-मीलाद और महफ़िल-ए-समा का आयोजन हुआ। देशभर से पहुंचे कव्वालों ने बाबा हुज़ूर की शान में सूफ़ियाना कलाम पेश कर महफ़िल को रूहानी रंग में रंग दिया।
उर्स के आगाज़ के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पहुंचने लगे हैं। बाबा के आस्ताना शरीफ पर चादरपोशी, जियारत और मन्नतों का सिलसिला लगातार जारी है। आहता-ए-नूर सहित पूरे दरगाह परिसर में रौनक देखते ही बन रही है। अकीदतमंद अपनी मन्नतें लेकर दरगाह पहुंच रहे हैं तो कई लोग मन्नत पूरी होने पर चादर और नजराना पेश कर रहे हैं।
उर्स के अवसर पर जगह-जगह लंगर का आयोजन किया गया है, जहां बाबा के अकीदतमंद जायरीन को दोनों वक्त भोजन करा रहे हैं। लंगर स्थलों पर बैरिकेडिंग के माध्यम से कतारबद्ध व्यवस्था की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
वहीं मेला ग्राउंड में करीब 650 से अधिक दुकानें सज चुकी हैं। यहां खान-पान के स्टॉल, धार्मिक सामग्री, खिलौने, घरेलू उपयोग की वस्तुओं के साथ बच्चों के लिए झूले, चकरी और अन्य मनोरंजन के साधन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग दरगाह की जियारत के साथ मेले का भी आनंद ले रहे हैं।
दरगाह वक्फ कमेटी के सदर सैय्यद एजाज अली ने बताया कि उर्स के दौरान सभी धार्मिक कार्यक्रम परंपरागत रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन और दरगाह कमेटी के समन्वय से जायरीन की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 100 सिक्योरिटी गार्ड और करीब 150 स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। कपासन डीएसपी हरीश भारती और थाना प्रभारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे मेले क्षेत्र में मुस्तैद है।
वहीं दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्र में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हाईवे चौराहे से कोर्ट तक चौपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। विभिन्न दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग स्थानों पर निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जिससे जायरीन को आवागमन में सुविधा मिल सके।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार पर एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। मेले की दुकानों और लंगर स्थलों पर अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं। वहीं मजार शरीफ के दर्शन के लिए बैरिकेडिंग कर व्यवस्थित कतारों की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से जियारत कर सकें।
दरगाह परिसर में रोशनी, टेंट, पेयजल, छाया, साफ-सफाई तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। उर्स का यह तीन दिवसीय आयोजन 23 जुलाई को कुल की फातिहा के साथ सम्पन्न होगा।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता











