Public outrage erupts in Chanderiya over the death of an innocent child; sit-in protest called off following MLA Akya’s intervention.

चित्तौड़गढ़, 18 जुलाई। चंदेरिया क्षेत्र में खुली बिजली डीपी की चपेट में आने से सात वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत के बाद शनिवार को सांवलिया चिकित्सालय परिसर में माहौल तनावपूर्ण रहा। बड़ी संख्या में परिजन और क्षेत्रवासी मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए तथा विद्युत विभाग की कथित लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।
मामला चंदेरिया के शिव रामदेव मंदिर के पास गार्डन के समीप का है, जहां सड़क किनारे लगी खुली बिजली डीपी की चपेट में आने से जवासिया निवासी एवं हाल मुकाम चंदेरिया के 7 वर्षीय सुमित पुत्र मुकेश बंजारा की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।
शनिवार सुबह विधायक चंद्रभान सिंह आक्या अस्पताल पहुंचे और धरने पर बैठे परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी। इस दौरान विधायक ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा सुधार तत्काल कराने के निर्देश दिए।
विधायक की पहल पर मृतक के परिजनों को विभागीय एवं अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए और धरना समाप्त हुआ।
मौके पर तहसीलदार विपिन चौधरी, चंदेरिया थानाधिकारी मधु कंवर, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सत्यनारायण आमेरिया, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश वैष्णव सहित भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने सड़क किनारे खुले में लगे बिजली ट्रांसफार्मर और डीपी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता







