हिन्दुस्तान जिंक खेलों को भी दे रहा मजबूती 30 हजार से अधिक एथलीट्स को प्रोत्साहन

SHARE:

चित्तौड़गढ़ 29 अगस्त। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड मेटल उत्पादन के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। कंपनी ने राजस्थान सहित अपने संचालन क्षेत्रों में क्रिकेट, कबड्डी, हैंडबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों के विकास में लगातार निवेश किया है, जिससे 30,000 से अधिक खेल प्रतिभाओं को सकारात्मक दिशा मिली है।

जावर स्टेडियम, जो लगभग पाँच दशकों से फुटबॉल का प्रमुख केंद्र रहा है, आज भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाए हुए है। कंपनी की जावर फुटबॉल अकादमी ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच दे रही है, वहीं वेदांता जिंक सिटी हॉफ मैराथन धावकों के लिए एक खास आयोजन बन चुका है।

 

हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि खेल केवल एथलीट्स के लिए ही नहीं बल्कि स्वस्थ और समावेशी समाज बनाने का माध्यम है। भारत की पहली बालिका आवासीय फुटबॉल अकादमी इसी दृष्टिकोण का हिस्सा है, जहाँ अत्याधुनिक प्रशिक्षण तकनीक और अवसर उपलब्ध हैं।

 

जावर स्थित जिंक फुटबॉल अकादमी को AIFF से 3-स्टार रेटिंग और स्पोर्ट इंडिया अवार्ड 2024 में “स्पोर्ट्स अकादमी ऑफ द ईयर” का सम्मान मिल चुका है। यहाँ से प्रशिक्षण लेकर खिलाड़ी हैदराबाद एफसी, मोहन बागान, भारतीय वायु सेना और सीआईएसएफ जैसी टीमों में जगह बना चुके हैं।

 

वर्तमान में जिंक फुटबॉल गर्ल्स अकादमी में 15 वर्ष से कम उम्र की 20 बालिकाएँ प्रशिक्षण ले रही हैं, जिसे आगे 60 तक विस्तारित करने की योजना है। यह पहल न सिर्फ खिलाड़ियों को आकार दे रही है बल्कि खेल के माध्यम से समानता और सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रही है।

यह खबरें भी पढ़ें…

Ilyas
Author: Ilyas

पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *