Insure your virtuous deeds in such a way that they will be useful in this life and after life: Brahmakumari Kanchan

चित्तौड़गढ़। ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र गांधीनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कंचन दीदी ने आध्यात्मिक जीवन और पुण्य कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य आज धन, संपत्ति और भौतिक सुविधाओं का बीमा कराने में रुचि रखता है, लेकिन अपने पुण्य कर्मों की कमाई को अक्सर नजरअंदाज कर देता है।
कंचन दीदी ने कहा कि वास्तविक बीमा पुण्य कर्मों का होता है, जो व्यक्ति को इस जीवन में सुख, शांति और सम्मान प्रदान करता है तथा जीवन के बाद भी आत्मा के साथ रहता है। उन्होंने कहा कि सेवा, दान, परोपकार, ईश्वर स्मृति और श्रेष्ठ कर्मों के माध्यम से व्यक्ति अपने पुण्य खाते को मजबूत बना सकता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों में यही पुण्य कर्म व्यक्ति के लिए सहारा बनते हैं और भविष्य को बेहतर बनाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे कर्म करने चाहिए, जिससे स्वयं के साथ समाज और विश्व के कल्याण में भी योगदान हो।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं और पुण्य कर्मों की कमाई बढ़ाकर सच्चे सुख एवं शांति का अनुभव करें।
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