अजयराज सिंह हत्याकांड: दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अब तक 19 गिरफ्तारियां,सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

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चित्तौड़गढ़, 26 अक्टूबर। उदयपुर–कोटा फोरलेन स्थित सेमलपुरा के पास एक होटल में गत एक जून को हुए अजयराज सिंह हत्याकांड में पुलिस ने दो मुख्य आरोपी ईश्वर सिंह उर्फ हरिओम सिंह और राजपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अब तक कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने जानकारी दी कि घटना के दिन आरोपी होटल की छत पर बैठे अजयराज सिंह और उसके साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर फरार हो गए थे। फायरिंग के दौरान अजयराज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। अपराधियों ने हत्या के बाद डस्टर और बोलेरो वाहन में तोड़फोड़ कर पेट्रोल डालकर आग भी लगा दी थी।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु एएसपी सरिता सिंह के निर्देशन और डीवाईएसपी विनय चौधरी के सुपरविजन में विशेष टीमें गठित की गईं। इसी क्रम में थानाधिकारी तुलसीराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर 4 स्थित एक्मे पैराडाइज सेकेंड रेजिडेंसी के पास से मुख्य आरोपी ईश्वर सिंह को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर दूसरी टीम ने वांछित आरोपी राजपाल सिंह को गांव चौकिया से हिरासत में लिया।

दोनों आरोपी शातिर अपराधी बताए जा रहे हैं तथा ईश्वर सिंह गंगरार थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा दोनों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस आरोपियों से घटना में प्रयुक्त हथियार तथा वाहन की बरामदगी के प्रयास कर रही है।

आरोपितों की गिरफ्तारी बनी सोशल मीडिया पर विवाद:

गिरफ्तारी के बाद सोशल-मीडिया पर एक नया विवाद उठा है। कुछ लोगों ने नोट किया कि दोनों मुख्य आरोपियों के एक-समान पैर पर प्लास्टर बंधा हुआ दिखा। एक यूजर ने लिखा कि चित्तौड़गढ़ पुलिस का ये नया ट्रैंड है अपराधी लूला लंगड़ा हो जाता है। वहीं एक यूजर ने लिखा कि पुलिस लोगों को गुमराह कर रही है। फ़िलहाल तरह तरह के कमेंट्स देखने को मिल रहे है।

अपराधियों की टांगे तोड़ने का यह बात स्थानीय स्तर पर चर्चित हुई और कई उपयोगकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई की नीतियों तथा गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। सोशल-मीडिया पर कुछ टिप्पणियाँ तीखा व्यंग्य करती हुईं देखी गईं, जबकि अन्य उपयोगकर्ता अदालतीन प्रक्रिया और मानवीय अधिकारों का सम्मान करने की बात कर रहे हैं।

पुलिस ने फिलहाल इस आरोप की सत्यता की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि गिरफ्तारी के दौरान किसी तरह की शारीरिक हानि या अनुचित व्यवहार की कोई रिपोर्ट सामने आते ही स्वतंत्र जांच करायी जाएगी।

गिरफ्तारी में शामिल प्रमुख टुकड़ियों में कोतवाली, सदर थाना और साइबर सेल की टीमें शामिल रहीं। पुलिस आरोपियों से घटना में प्रयुक्त हथियार तथा वाहन बरामद करने के प्रयास कर रही है।

ये टीम रही गिरफ्तारी में शामिल: 

गिरफ्तारी में कोतवाली, सदर थाना और साइबर सेल की पुलिस टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजपाल सिंह को डिटेन करने में विशेष योगदान: एएसआई प्रवीण सिंह व कानि. छोटू राम का रहा।

पुलिस का कहना है कि फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे गैंग को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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Author: chittorgarhnews

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