नकली नोट के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, 500-500 के 30 नकली नोट बरामद

चित्तौडगढ़। कोतवाली पुलिस ने नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 500-500 के 30 नकली नोट भी बरामद किये है। यह तीनों युवक पिछले कुछ दिनों से शहर में घूम रहे थे, खासतौर पर बड़ी सब्जी मंडी और आसपास के इलाकों में दुकानदारों से सामान खरीदने के बहाने नकली 500-500 के नोट चलाकर छोटी मोटी वस्तु खरीद कर छुट्टे पैसे करवाने का काम कर रहे थे। मंगलवार रात को वह फिर से सब्जी मंडी में पहुंचा, जहां एक महिला सब्जी विक्रेता ने उसे पहचान लिया। महिला ने बाकी दुकानदारों को बताया कि यह वही युवक है जो पिछले दिनों उसे नकली नोट देकर गया था। आरोपी युवक एक गुमटी में गया और सिगरेट का पैकेट खरीदने के बाद 500 रुपए का नोट दुकानदार को दिया। दुकानदार ने मौजूद युवकों से नोट लेकर देखा तो वो नकली था। अन्य दुकानदारों ने युवाओं के साथ मिलकर आरोपी युवक को पकड़ कर वहीं बिठाकर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत के निर्देशन में पुलिस ने मौके पर पहुंच युवक को हिरासत में लिया। पुलिस ने युवक की तलाशी ली, तो उसके पास से करीब 30 नकली नोट बरामद हुए, जो सभी 500-500 रुपए के थे। पूछताछ में युवक ने कबूल किया कि वह अकेला नहीं है, बल्कि उसके साथ दो और युवक हैं जो इसी काम में शामिल हैं। तीनों युवक कोटा व झालावाड़ जिले के रहने वाले हैं और चित्तौड़गढ़ घूमने के बहाने आए थे, लेकिन उनका असली मकसद शहर में नकली नोटों को चलाकर असली पैसे इकट्ठा करना था। तीनों युवक शहर के एक होटल में रुके हुए थे और वहीं से नकली नोट लेकर बाजारों में घूम रहे थे। पुलिस ने आसिफ अली पुत्र नूर मोहम्मद झालावाड़ निवासी, आदिल खान पुत्र अब्दुल गफूर खान निवासी सारोला, झालावाड़ और शाहनवाज खान पुत्र मंसूर अहमद, निवासी कैथून कोटा को गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि तीनों युवकों के पास से बरामद नकली नोटों की जांच की जा रही है, साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये नकली नोट कहां से लाए गए और इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनो युवकों ने तकनीकी व सोशल मीडिया के मा/यम से यह नकली नोट मंगवाए थे, जिन्हें बाजार मंे चलाकर सफल होने पर इसी काम को आगे बढाने की योजना में थे।
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