चंद्रभान ने निदर्लीय प्रत्याशी के रूप में हजारों समथर्कों के साथ जुुलुस निकाल भरा नामांकन

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Ilyas
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  • चंद्रभान ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ठोकी ताल, कहा  ये चुनाव आम जनता वर्सेज पार्टिस का

चित्तौड़गढ़। विधानसभा चुनाव को लेकर चित्तौड़गढ विधानसभा क्षेत्र की सीट जिले में अब हॉट सीट बन चुकी है, जहां दोनों प्रमुख दल के साथ निर्दलीय प्रत्याशी ने भी ताल ठोक दी है। भाजपा द्वारा विधायक चंद्रभान सिंह आक्या का टिकट कटने के बाद से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक लगातार सड़कों पर उतर कर आलाकमान से टिकट को लेकर पूर्विचार करने की मांग कर रहे थे, लेकिन आखिरकार आलाकमान के नहीं सुनने पर सोमवार को चंद्रभान सिंह आक्या ने हजारों समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल कर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर ताल ठोक दी। प्रत्याशी चंद्रभान ने तय मुहूर्त पर प्रस्तावकों के साथ अपना नामांकन पत्र रिटर्निंग अधिकारी रामचंद्र खटीक के समक्ष प्रस्तुत किया।

 

इधर उनके नामांकन को लेकर शहर के ईनाणी सीटी सेंटर में विधानसभा क्षेत्र के हजारो कार्यकर्ता एकत्रित होने लगे। जहां जनसभा आयोजित की गई, जिसको सम्बोधित करते हुए आक्या ने कहा कि उन्होंने 10 साल जनता की सेवा की है, ऐसे में टिकट काटकर जनता के साथ चोट की है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में अपार जनसमर्थन को आने वाले चुनाव में बहुमत के साथ मत देकर यहां की चुनाव लड़ रही जनता को जीताना होगा। उन्होंने कहा कि वे हर समय जनता के सुख दु:ख में खड़े रहे है और आगे भी वे कार्यकर्ता व जनता के विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह चुनाव भी जनता की भावना के अनुरूप लड़ा जा रहा है, ऐसे जीत के बाद भी जनता के अनुसार ही निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी नरपत सिंह राजवी बाहरी है, जो चुनाव लड़ने के बाद गायब हो जायेंगे, वही दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह जाड़ावत 6 बार चुनाव लड़ चुके है, जिन्होंने क्या विकास कार्य करवाए है वह सब जनता जानती है।

कांग्रेस शासन में धार्मिक जगहों पर कब्जे करने का काम किया। ऐसे में चित्तौड़ को बचाने व बाहरी प्रत्याशी को भगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजवी का टिकट तय होने के बावजूद दस दिन बाद वे क्षेत्र में आये जिन्होंने पहले ही दिन सबक सिखाने की धमकी दे दी, लेकिन आने वाले चुनाव में यह जनता उन्हे सबक सिखाकर यहां से भेजेगी। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाकर टिकट काटने का काम किया गया है, जिन्हें आरोप लगाने वाले यदि साबित कर दे तो वे राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने भावुक होेते हुए कहा कि अब यह चुनाव जनता का चुनाव बन चुका है, ऐसी स्थिति में यहां मौजूद अपार जनसमूह के साथ ही दूरदराज के क्षेत्र में लोगों से विनम्र अपील कर हर हालत में चुनाव जीतने के लिये सबको चुनावी समर में उतर जाना होगा।

आक्या की जीत पर ही पहनूंगा साफा: बद्री जाट

इस मौके पर भूमि विकास बैंक चेयरमेन बद्रीलाल जाट ने कहा कि चंद्रभान सिंह ने पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ जनता व पार्टी की सेवा की लेकिन आलाकमान को कतिपय लोगों द्वारा गुमराह कर उनका टिकट कटवा दिया गया। यह टिकट
उनका नहीं बल्कि जनता का कटा है, यही कारण है कि पिछले दो सप्ताह से उनके व्यवहार व आचार शैली से प्रभावित होकर
हजारों लोगों ने जनसमथर्न देते हुए बाहरी प्रत्याशी का विरोध करने के साथ ही आक्या को चुनावी समर में उतारने के लिये विवश किया, जिसके चलते उन्होने भी अंतिम घड़ी तक आलाकमान से टिकट मिलने की आस बनाये रखी, लेकिन ऐसा नहीं होने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने को निर्णय लिया। इस मौके पर हमेशा साफा बांधने वाले जाट ने अपना साफा उतारकर संकल्प लिया कि आक्या की जीत के बाद ही अब वे देव दर्शन कर साफा बांधेंगे, जिसका अपार जनमेदनी ने समर्थन करते हुए हाथ खड़े कर विश्वास दिलाया कि 3 दिसम्बर को वे फिर से केसरिया साफा पहने नजर आएंगे। पूर्व सभापति सुशील शर्मा ने कहा कि अब यह चुनाव जनता का चुनाव बन चुका है, इसी कारण खचा-खच भरे सभा स्थल पर अपार जनगंगा उनका समर्थन करने के लिये मौजूद है। सुरेश झंवर ने भी जनता से भारी बहुमत से आक्या को विजयी बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर भंवर सिंह खरड़ी बावड़ी, करनल सिंह, सुरेश जैन, दिनेश चतुर्वेदी, रोहिताश्व जाट, रतन डांगी, तेजपाल रेगर, पवन आचार्य, भरत जागेटिया, अनिल ईनाणी, शैलेंद्र झंवर, ओम प्रकाश शर्मा, ओम प्रकाश मानदणा, कैलाश जाट सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता व बड़ी संख्या में विधानसभा क्षेत्र से आये हजारों नर-नारी मौजूद थे। सम्मेलन का संचालन करते हुए प्रवीण सिंह राठौड़ ने आक्या को विश्वास दिलाया कि अपार जनसमूह उनकी जीत के जश्न का इतिहास रचने में कोई कोर कसर नहीं रखेंगे। केसरिया रंग में रंगा शहर व सम्मेलन नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिवस सोमवार का दिन शहर के लिये किसी विशाल मेले से कम नहीं था, जहां चंद्रभान सिंह आक्या के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतारने के लिये हजारों लोगों ने भागीदारी निभाते हुए यहां के चुनावी रणक्षेत्र को त्रिकोणीय बना दिया। इस दौरान भले ही आक्या को भाजपा का सिंबोल नहीं मिला हो, लेकिन सम्मेलन स्थल से लेकर समूचे शहर में केसरिया पताकाएं लहराने से ऐसा लग रहा था मानो पूरा शहर ही केसरिया रंग में रम गया हो। इतना ही नहीं सैकडो समर्थकों ने चंद्रभान सिंह को फूलमालाओं से लादने के साथ ही पूरे मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर उनका हौसला बढाते हुए ऐसी अनुभूति कराई मानो चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद यहां कोई विजय जुुलुस निकल रहा हो। सम्मेलन स्थल ईनाणी सीटी सेंटर से लेकर पूरे मार्ग में निकाली गई।
विशाल नामांकन रैली के दौरान जगह-जगह विभिन्न सामाजिक संगठनो द्वारा आक्या व रैली में भाग लेने वाले लोगों का आत्मीक स्वागत अभिनंदन कर प्रत्याशी का उत्साहवर्धन करने में भी कोई कोर कसर नहीं रखी।
नामांकन रैली ईनाणी सीटी सेंटर से प्रारम्भ होकर चंद्रलोक सिनेमा, पाडन पोल, मिठाई बाजार, गांधी चौक, सदर बाजार, गोल प्याऊ, सुभाष चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। रैली में आक्या खुली वाहन में शहर वासियों का अभिवादन करते हुए चल रहे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर एक बार फिर आक्या ने अपार जनसमूह को सम्बोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि यह चुनाव वे नहीं बल्कि क्षेत्र की जनता लड़ रही है इसलिये प्रत्येक व्यक्ति को पूरी जिम्मेदारी के साथ हर बूथ व मतदाता तक पहुंच कर नया इतिहास रचना होगा।

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Author: Ilyas

पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता

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