The 85th Urs of Hazrat Deewana Shah Sahib (R.A.) concluded with great reverence in Kapasan.

कुल की फातिहा के साथ मांगी गई देश में अमन-चैन की दुआ, सूफियाना कलाम से गूंजा महफिलखाना; शुक्रवार को खुलेंगे मुख्य मजार के पट
चित्तौड़गढ/कपासन | 23 जुलाई। प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब रहमतुल्लाह अलैह का 85वां तीन दिवसीय उर्स गुरुवार को कुल की फातिहा के साथ श्रद्धा, अकीदत और रूहानी माहौल में सम्पन्न हो गया। उर्स के अंतिम दिन हजारों जायरीन ने दरगाह पर हाजिरी देकर मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।
दरगाह वक्फ कमेटी के सचिव हाजी शराफत हुसैन भाटी ने बताया कि फजर की नमाज के बाद देग का खाना तकसीम किया गया। सुबह शाही महफिलखाना में महफिले मीलाद पाक का आयोजन हुआ, जिसके बाद विभिन्न कव्वाल पार्टियों ने अपने अंदाज में सूफियाना कलाम पेश किए। समापन पर सभी कव्वालों ने सामूहिक रूप से मशहूर मनकबत “आज रंग है री माँ…” पेश कर माहौल को रूहानियत से भर दिया।
इसके बाद कपासन शहर काजी मोहम्मद सईद, दरगाह औलिया मस्जिद के इमाम शाकिर मोहम्मद एवं नगर की विभिन्न मस्जिदों के इमामों ने कुल की फातिहा पढ़ी और देश में अमन-ओ-सुकून की दुआ की। समारोह में राजस्थान वक्फ बोर्ड के सदस्य शब्बीर मोहम्मद शेख सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
दरगाह वक्फ कमेटी के सदर सैयद ऐजाज अली ने राजस्थान सरकार, जिला एवं पुलिस प्रशासन, नगरपालिका, बिजली, जलदाय, रोडवेज, रेलवे विभाग, स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं का सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। कुल के छींटों की रस्म के दौरान फव्वारा सिस्टम की विशेष व्यवस्था की गई और बड़ी संख्या में जायरीन ने बाबा हुजूर की रुखसती की रस्म में भाग लिया।
बुधवार रात आयोजित उर्स की महफिल में राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली, कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर एवं अन्य अतिथियों ने शिरकत की। डॉ. बुधवाली ने अपने संबोधन में हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे, गंगा-जमुनी तहजीब, शिक्षा और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
दरगाह वक्फ कमेटी के अनुसार शुक्रवार को फजर की नमाज के बाद भूमिगत स्थित मुख्य मजार के पट आम जायरीन के दर्शन के लिए खोले जाएंगे। वर्ष में केवल एक बार मिलने वाले इस अवसर का बड़ी संख्या में श्रद्धालु इंतजार करते हैं।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता








