Sukh Seva Sansthan welcomed the New Year 2026 with the message of Quit Alcohol – Drink Milk.

कलेक्ट्री चौराहे पर सवा क्विंटल दूध पिलाकर नशा मुक्ति का दिया संदेश
चित्तौड़गढ़, 01 जनवरी। नववर्ष 2026 के स्वागत को यादगार और संदेशपूर्ण बनाते हुए सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्र, चित्तौड़गढ़ द्वारा 31 दिसंबर 2025 की शाम कलेक्ट्री चौराहे पर अनूठा जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत आमजन व राहगीरों को दूध पिलाकर नशा छोड़ने और स्वस्थ जीवन अपनाने की प्रेरणा दी गई।
संस्थान अध्यक्ष ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ जागरूकता फैलाना है, ताकि नागरिक अपने स्वास्थ्य, परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदार बन सकें।
उन्होंने कहा कि सुख सेवा संस्थान पिछले कई वर्षों से नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ निरंतर अभियान चला रहा है।
ठंड में राहगीरों को कुर्सी पर बैठाकर पिलाया गया दूध
कार्यक्रम समन्वयक अमित कुमार चेचानी ने जानकारी दी कि कड़ाके की ठंड के बावजूद शाम 7:30 बजे से करीब एक घंटे तक चले इस आयोजन में सवा क्विंटल दूध शहरवासियों व राहगीरों को पिलाया गया। दूध में मौसम के अनुरूप सूखे मेवे मिलाए गए। प्रत्येक राहगीर से आत्मीयता से आग्रह कर उन्हें बैठाकर दूध पिलाया गया, जिस पर लोगों ने इस पहल की खुले दिल से सराहना की।
13 वर्षों से नशा मुक्ति की अलख जगा रहा संस्थान
संस्थान काउंसलर प्रभात शर्मा ने कहा कि दूध पिलाने का उद्देश्य प्रतीकात्मक रूप से नशे के विरुद्ध सकारात्मक संदेश देना है।
सुख सेवा संस्थान पिछले 13 वर्षों से नशा मुक्ति जनजागरण, उपचार एवं पुनर्वास के माध्यम से मरीजों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, युवा एवं वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे, जिनका स्वागत ऊपरना ओढ़ाकर किया गया।
इस अवसर पर जितेंद्र सिंह तोमर, विनय पालीवाल, कन्हैया लाल, कमलेश, चैन सिंह, पवन, बिजेंद्र सिंह, अजय साजवान, शोएब सहित संस्थान का स्टाफ उपस्थित रहा।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता









