महिला आरक्षण पर प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक अनीता सिंह गुर्जर घिरीं सवालों में, कई जवाब अधूरे

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Former MLA Anita Singh Gurjar was surrounded by questions at a press conference on women’s reservation, with many answers incomplete.

चित्तौड़गढ़, 12 अप्रैल। भरतपुर की नगर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुकीं Anita Singh Gurjar रविवार को चित्तौड़गढ़ दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संवैधानिक संशोधन) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस प्रावधान के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से प्रभावी बनाने का है। साथ ही यह भी बताया गया कि पूर्व प्रावधानों के अनुसार जनगणना और परिसीमन के बाद ही इसे लागू किया जाना था, जिससे 2034 तक देरी संभव थी, लेकिन अब प्रक्रिया को तेज कर 2029 तक लागू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्तावित बदलावों में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने और इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की बात भी सामने आई है।

प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने महिला सशक्तिकरण के जमीनी पहलुओं को लेकर कई सवाल उठाए, जिनके जवाब देने में पूर्व विधायक असहज नजर आईं। खासकर पंचायत स्तर पर चुनी गई महिला सरपंचों और प्रधानों के स्थान पर उनके प्रतिनिधियों या पतियों द्वारा कार्य किए जाने जैसे मुद्दों पर वे स्पष्ट जवाब नहीं दे पाईं। इस पर कुछ पत्रकारों ने नाराजगी भी जताई।

स्थानीय स्तर पर भी ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां महिला सशक्तिकरण की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति में प्रधान पद महिला के नाम पर है, लेकिन अधिकांश कार्य उनके पति रणजीत सिंह भाटी द्वारा किए जाने की चर्चा है। ग्रामीणों में भी कई लोग उन्हें ही प्रधान के रूप में पहचानते हैं, जबकि आधिकारिक रूप से पद उनकी पत्नी के पास है। यहां तक कि कई मामलों में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी प्रतिनिधि के रूप में किए जाने की बात सामने आती रही है।

पत्रकारों ने यह भी पूछा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू होने के बाद वास्तविक सशक्तिकरण कैसे सुनिश्चित होगा और इसका स्पष्ट रोडमैप क्या होगा, लेकिन इस संबंध में भी वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं।

प्रेस वार्ता में विधायक  चंद्रभान सिंह आक्या, महिला मोर्चा अध्यक्षा वीणा दशोरा, जिलाध्यक्ष रतन गाडरी, हर्षवर्धन सिंह रुद, रघु शर्मा, मनोज पारीक, सुधीर जैन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दिखा चुकी हैं बागी तेवर

अनीता सिंह गुर्जर वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी द्वारा टिकट नहीं मिलने पर चर्चा में रही थीं। उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट साझा कर नाराजगी जताई थी। पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि नगर विधानसभा से टिकट नहीं मिलने पर उन्हें हजारों समर्थकों के फोन आ रहे हैं, जो उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने समर्थकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द ही उनके बीच आकर आगे की रणनीति साझा करने की बात कही थी।

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Author: chittorgarhnews

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