साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खाते का संचालक गिरफ्तार, 21.90 लाख का ट्रांजेक्शन उजागर

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म्युल हंटर अभियान के तहत चंदेरिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Bank account operator used in cyber fraud arrested, transaction worth Rs 21.90 lakh exposed

चित्तौड़गढ़, 16 अप्रैल। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “म्युल हंटर” के तहत चंदेरिया थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में प्रयुक्त एक बैंक खाते के संचालक को गिरफ्तार किया है। जांच में उक्त खाते के माध्यम से विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी मामलों से जुड़े करीब 21 लाख 90 हजार रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है।

जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि महानिदेशक साइबर एवं तकनीकी सेवाएं, राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार संदिग्ध बैंक खातों एवं हॉटस्पॉट्स पर प्रभावी कार्रवाई के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत एएसपी सरिता सिंह एवं डीएसपी ग्रामीण दिनेश सुखवाल के निर्देशन में थानाधिकारी चंदेरिया मोतीराम के नेतृत्व में एएसआई मुकेश कुमार व कांस्टेबल रणजीत की टीम का गठन किया गया।

टीम द्वारा विभिन्न बैंक शाखाओं के संदिग्ध खातों की जांच करते हुए साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया गया। जांच में एसबीआई के एक खाते में देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों से जुड़ा लेन-देन सामने आया। इनमें महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ के दिघी थाना में 5.80 लाख रुपये, पुणे सिटी साइबर थाना में 14 लाख रुपये तथा तमिलनाडु के चेन्नई सीसीबी में 2.10 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज पाई गई।

पुलिस ने खाते के धारक बालूराम पुत्र कन्हैयालाल लौहार निवासी चंदेरिया को थाने बुलाकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथी श्रवण सुहालका के साथ मिलकर साइबर ठगी में संलिप्त होने की बात स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि उसके मित्र ने कमीशन का लालच देकर अवैध राशि उसके खाते में डलवाने की योजना बनाई थी। तय योजना के अनुसार कुल राशि में से 30 प्रतिशत कमीशन रखा जाना था, जिसमें 20 प्रतिशत हिस्सा बालूराम और 10 प्रतिशत श्रवण सुहालका को मिलना तय हुआ था।

आरोपी ने बताया कि खाते में आई राशि को दोनों ने मिलकर चेक के माध्यम से निकाला और आपस में बांट लिया, जबकि शेष राशि श्रवण के माध्यम से उसके परिचित तक पहुंचाई गई। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने पूर्व नियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत यह कृत्य किया और अवैध तरीके से धन अर्जित किया।

पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मुख्य आरोपी बालूराम लौहार को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है तथा पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन अनुसंधान जारी है।

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Ilyas
Author: Ilyas

पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता

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