Administration silent on supply of dirty water for months, MLA’s inspection exposes the truth
चित्तौड़गढ़। नगर परिषद क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल सप्लाई के दौरान गंदा व मटमैला पानी आने और पानी में काई मिलने की शिकायतों के बीच सोमवार को विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने सेगवा हाउसिंग बोर्ड स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

विधायक आक्या ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता हिमांशु वीरवाल, कनिष्ठ अभियंता राकेश आमेटा और केमिस्ट अमरेंद्र दास को आड़े हाथों लेते हुए साफ कहा कि क्षेत्रवासियों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान हालात गंभीर लापरवाही को दर्शाते हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए और भविष्य में पेयजल में गंदगी की शिकायत मिलने पर इसे सीधे विभागीय लापरवाही माना जाएगा। साथ ही दोषी कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
शहर में पिछले कई महीनों से रेलवे स्टेशन, कुम्भा नगर सहित कई इलाकों में पीने के पानी में गंदी बदबू और मटमैला पानी सप्लाई होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसके बावजूद अब तक न तो जिम्मेदार अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई और न ही जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को प्राथमिकता दी।
ऐसे में अब विधायक द्वारा इस मामले को उठाना कहीं न कहीं प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद विभाग ने ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे आमजन को मजबूरन दूषित पानी का उपयोग करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं होता है तो यह लापरवाही जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
निरीक्षण के दौरान शैलेन्द्र झंवर, एडवोकेट ओमप्रकाश शर्मा, दीपक शर्मा, विशाल गर्ग, रवि बैरागी, विनीत तिवारी, रामप्रसाद बगेरवाल, हिम्मत सिंह, राजकुमार गाडरी, हितेश कटारिया, हरिश खटीक, गणेश भोई सहित कई लोग मौजूद रहे।
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