चित्तौड़गढ़। विभिन्न श्रमिक संगठनों ने कलक्ट्रेट चौराहे पर प्रदर्शन कर बिड़ला सीमेन्ट वर्क्स के अधिकारियों द्वारा श्रम कानूनों के उल्लघंन का आरोप लगाते हुए श्रमिकों को कार्य पर सुचारु लिए जाने की मांग को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया।

श्रमिक संगठनों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि गत 11 दिसम्बर से बिरला सीमेंन्ट के प्रबंधकों द्वारा लोडिंग विभाग में कार्यरत श्रमिकों को कार्य नहीं करने दिया जा रहा है एवं उनको जीके इन्टप्राइजेज द्वारा जारी किए गए एक वचनपत्र पर हस्ताक्षर करने का बाध्य किया जा रहा है।
ज्ञापन में बताया कि पूर्व में 24 फरवरी 198 4 व 13 मार्च 1984 को सीमेंन्ट फेक्ट्री मजदूर संघ (इन्टक) एवं प्रबंधक बिरला सीमेंन्ट वर्क्स के मध्य समझौता अधिकारी एवं श्रेत्रीय उपश्रम आयुक्त भीलवाड़ा के समक्ष लिखित समझौता हुआ था, जिसमे लोडिंग विभाग में ठेकेदार के अधीन कार्यरत श्रमिकों का संस्थान में नियोजन में किया जाना एवं भविष्य में लोडिग विभाग के सभी श्रमिक बिरला सीमेंन्ट वर्क्स के नियोजन में रखे जाना वर्णित था।
लेकिन अप्रेल 2014 में प्रबंधन ने समझौते का उल्लंघन करते हुये बिना नोटिस और बिना श्रम कानूनों के अन्र्तगत दिये जाने वाले लाभ के श्रमिकों को जीके इन्टरप्राइजेज की सेवा में परिवर्तित कर दिया गया। जिस पर श्रम कानून एवं समझौते की अनुपालना नहीं करने पर सहायक श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) कोटा के समक्ष वाद प्रस्तुत किया एवं दोनों पक्षों में समझौता नहीं होने पर असफलवार्ता प्रतिवेदन सचिव भारत सरकार श्रम मंत्रालय, नई दिल्ली को 7 मार्च 2019 को प्रषित कर दिया गया।
जिसे उनके द्वारा निर्णयार्थ न्यायालय औद्योगिक न्यायाधिकारी केन्द्रीय, कोटा को भिजवा दिया गया। जो स अभी भी न्यायालय में लम्बित है एवं आगामी 19 दिसम्बर की पेशी नियत है। ज्ञापन में बताया कि बिरला सीमेंन्ट वर्क्स एवं चन्देरिया सीमेन्ट वर्क्स दोनो संस्थान अलग-अलग हैं, स फिर भी दोनो में इन्ही श्रमिकों से कार्य करवाया जाता है।
इस बाबत पूर्व में वरिष्ट निरीक्षक कारखाना एवं वायलर द्वारा कई पत्र प्रबंधन को लिखे जा चुके हैं। इसके साथ ही पूर्व में 2 प्लान्ट कम्पनी द्वारा निर्धारित थे, लेकिन वर्तमानक में जानबुझकर एक ही प्लान्ट चलाया जा रहा है।
श्रमिकों को अनावश्यक परेशान करने की नियत से 365 टन लोडिंग करने को बाध्य किया जा रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रमिकों और पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से समस्याओं के समाधान की मांग रखी गई।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता








