चित्तौड़गढ़। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में यूरिया खाद की कमी लगातार बढ़ती जा रही है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि महिलाओं, बुज़ुर्गों और युवाओं सभी को खाद की एक बोरी के लिए घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ रहा है। खाद वितरण केंद्रों के बाहर सैकड़ों मीटर लंबी कतारें मौजूदा अव्यवस्था की गवाही दे रही हैं।

सुबह होते ही किसान मोटरसाइकिलें एक ओर खड़ी कर लाइन में लग जाते हैं। तेज धूप में दस्तावेज़ हाथों में लिए घंटों खड़े रहकर वे अपनी बारी का इंतजार करते हैं। कई बुज़ुर्गों को जमीन पर बैठकर राहत लेनी पड़ रही है, जबकि महिलाओं की भी भारी भीड़ खाद केंद्रों पर देखी जा रही है।
किसानों का कहना है कि यूरिया की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसकी आपूर्ति बेहद कम है। कई किसानों ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से लाइन में लग रहे हैं, फिर भी उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रहा।
किसान नेता राहुल चौधरी ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर यूरिया वास्तव में पर्याप्त है, तो किसानों की ये लंबी कतारें किसकी गवाही दे रही हैं? महिलाएँ और बुज़ुर्ग घंटों धूप में खड़े हैं — यह स्थिति साफ दर्शाती है कि ज़मीनी स्तर पर व्यवस्था में भारी कमी है।”
उन्होंने प्रशासन से कागज़ी दावों से बाहर निकलकर वास्तविक स्थिति को समझने और किसानों को तुरंत राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
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