शराब दुकान खोलने का विरोध, नागरिकों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

(इलियास मोहम्मद)
चित्तौड़गढ़, 30 जुलाई। विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ किले की ओर जाने वाली किला रोड पर गणपति प्लाजा में शराब की दुकान खोले जाने को लेकर स्थानीय लोगों में विरोध तेज हो गया है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने इस निर्णय पर नाराज़गी जताते हुए बुधवार को जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि जिस स्थान पर शराब की दुकान खोली जा रही है, वह क्षेत्र संवेदनशील और सार्वजनिक गतिविधियों से भरपूर है। दुकान के पास ही जिला पुस्तकालय, मंदिर, मस्जिद, स्कूल बस स्टॉप, बैंक और अन्य शासकीय कार्यालय स्थित हैं। इस क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और पर्यटकों की निरंतर आवाजाही रहती है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि शराब की दुकान खुलने से यहां का सामाजिक वातावरण प्रभावित होगा और शांति व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। नागरिकों ने बताया कि शराब दुकानें आबकारी नीति के अनुसार धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी दफ्तरों के पास नहीं खोली जा सकतीं, लेकिन यहां इन सभी मानकों की अनदेखी की जा रही है।
व्यापारियों का भी विरोध:
गणपति प्लाजा में व्यापार कर रहे कई दुकानदारों ने भी विरोध में हिस्सा लिया। उनका कहना है कि प्लाजा में दुकान लेने के समय रजिस्ट्री में यह स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि परिसर में किसी भी प्रकार की शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी। इसके बावजूद पास ही शराब ठेका खोला जा रहा है, जो विश्वासघात जैसा है।
शराब दुकान हटाने की मांग:
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि प्रस्तावित शराब ठेके को वर्तमान स्थान से हटाकर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। नागरिकों का कहना है कि चित्तौड़गढ़ जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक शहर की गरिमा को बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ज्ञापन सौंपते समय ये लोग रहे मौजूद:
ओम डूंगरवाल, जमनालाल सोमानी, सचिन भड़कतिया, कैलाश विजयवर्गीय, इमरान खान आदि लोग मौजूद रहे।
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Author: Ilyas
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