अवैध गैस भंडारण पर कार्रवाई: 11 सिलेंडर जब्त, लेकिन बुकिंग नहीं होने से उपभोक्ता परेशान

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Administration claims gas supply, but consumers are actually upset

चित्तौड़गढ़, 13 मार्च। जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देशानुसार प्रशासन, रसद विभाग और पुलिस के संयुक्त दल ने जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और उपयोग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निम्बाहेड़ा क्षेत्र में 11 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। हालांकि प्रशासन जहां जिले में गैस की निर्बाध आपूर्ति का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर में गैस बुकिंग नहीं होने से उपभोक्ताओं में परेशानी और पैनिक का माहौल बन गया है।

• निम्बाहेड़ा में अवैध भंडारण पर कार्रवाई

जिला सतर्कता टीम को शहरी क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान आदर्श कॉलोनी निवासी इमरान शेख के यहां से 5 घरेलू गैस सिलेंडर, हुढको कॉलोनी निवासी रतनेश कीर के यहां से 2 घरेलू गैस सिलेंडर तथा इंदिरा कॉलोनी निवासी नरेन्द्र महेश्वरी के यहां से 4 घरेलू गैस सिलेंडर और 2 बिना कंपनी के छोटे सिलेंडर जब्त किए गए। तीनों के विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

• गैस एजेंसियों का निरीक्षण

टीम ने चित्तौड़गढ़ उपखंड की भैरव गैस एजेंसी तथा रावतभाटा उपखंड में अणुशक्ति सहकारी उप भंडार लिमिटेड का निरीक्षण कर स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया और एजेंसियों को राज्य सरकार के निर्देशानुसार उपभोक्ताओं को गैस वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

• जिले में 28 गैस एजेंसियां, 3.85 लाख कनेक्शन

प्रशासन के अनुसार जिले में कुल 28 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से 3 लाख 85 हजार 680 सक्रिय घरेलू गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं को सेवा दी जा रही है। वर्तमान में 12 हजार 202 घरेलू गैस सिलेंडर वितरण के लिए उपलब्ध बताए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि गैस की आपूर्ति निर्बाध है और उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग कर ओटीपी के माध्यम से सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।

• जमीनी हकीकत: बुकिंग नहीं, उपभोक्ता परेशान

हालांकि शहर में स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि न तो गैस एजेंसी के काउंटर पर सिलेंडर की बुकिंग हो रही है और न ही ऑनलाइन या फोन कॉल के माध्यम से बुकिंग हो पा रही है। कई लोगों का आरोप है कि कॉल करने पर फोन लगातार व्यस्त मिलता है या कोई जवाब नहीं मिलता। वहीं ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद भी सिलेंडर बुकिंग का ओटीपी नहीं आ रहा है।

• एजेंसियों के बाहर लगी उपभोक्ताओं की लाइन

शुक्रवार को भी शहर के गांधीनगर और कुमार नगर क्षेत्र की गैस एजेंसियों के बाहर गैस बुकिंग के लिए उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर बुक नहीं होने से खाली हाथ घर लौटना पड़ा।

• 25 दिन के अंतराल का नियम, उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता

गैस कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर और दूसरे सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतराल अनिवार्य किया गया है। यानी एक बार गैस रिफिल लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन पूरे होने पर ही बुक किया जा सकता है। बुकिंग होने के बाद आमतौर पर 2 से 3 दिनों के भीतर गैस रिफिल उपभोक्ता के घर पहुंचाने की व्यवस्था बताई गई है।

• इंडेन गैस की बुकिंग पर भी शिकायतें

कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि इंडेन गैस के नंबर पर कॉल करने पर फोन नहीं लग रहा है, जबकि ऑनलाइन वेबसाइट पर लॉगिन करने के बाद भी ओटीपी नहीं आ रहा है, जिससे गैस की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि यदि 25 दिनों से पहले ही उनका सिलेंडर खत्म हो जाए तो ऐसी स्थिति में गैस रिफिल कैसे प्राप्त की जाएगी, इसको लेकर भी स्पष्टता नहीं है।

• बाजार में कालाबाजारी की शिकायत

स्थिति को लेकर उपभोक्ताओं में बने पैनिक के बीच बाजार में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। जानकारी के अनुसार कुछ स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडर 1300 से 1600 रुपए तक में बेचे जाने की शिकायतें मिल रही हैं।

• कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति रुकी, होटल व्यवसाय प्रभावित

वहीं सरकार द्वारा 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पहले से ही सीमित या बंद होने के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई छोटे रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस की नियमित उपलब्धता नहीं होने से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और कुछ छोटे प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

स्थिति को लेकर शहरवासियों में चिंता और असंतोष देखा जा रहा है, जबकि प्रशासन लगातार गैस की पर्याप्त उपलब्धता और नियमित आपूर्ति का दावा कर रहा है।

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Ilyas
Author: Ilyas

पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता

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