Beauty died after listening to the 18th chapter of the Gita at the end of her life; her family gave her a respectful farewell.

चित्तौड़गढ़, 13 ,मार्च। प्रतापनगर निवासी गौरव द्विवेदी के परिवार की प्रिय पालतू डॉग ‘ब्यूटी’ ने अपनी अंतिम सांसें बेहद भावुक माहौल में लीं। करीब नौ वर्षों से परिवार का हिस्सा रही ब्यूटी ने अपने जीवन की अंतिम घड़ियों में श्रीमद्भगवद्गीता के 18वें अध्याय का पाठ सुनते हुए शांत भाव से दुनिया को अलविदा कह दिया।

परिवार के अनुसार ब्यूटी पिछले कुछ समय से कैंसर और लिवर फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी। परिवार ने उसका पूरा इलाज करवाया और हर संभव प्रयास किए, लेकिन आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गई।
ब्यूटी जनवरी 2017 में एक नन्हीं पपी के रूप में घर आई थी। धीरे-धीरे वह परिवार के हर सदस्य के बेहद करीब हो गई और सभी की चहेती बन गई। उसका स्वभाव बहुत शांत था और उसकी मौजूदगी से घर का माहौल हमेशा खुशहाल रहता था। घर आने-जाने वाले लोगों के चेहरे पर भी उसे देखकर मुस्कान आ जाती थी।
वर्ष 2019 में जब ब्यूटी ने दो पपी को जन्म दिया, तब परिवार ने उसका ममतामयी रूप भी देखा।
परिवार ने भारतीय संस्कारों के अनुसार उसकी अंतिम घड़ियों में गीता का 18वां अध्याय सुनाया, जिसे जीवन के अंतिम सत्य और मोक्ष का संदेश देने वाला अध्याय माना जाता है। गीता का पाठ सुनते हुए ब्यूटी ने शांत भाव से अंतिम सांस ली।
इसके बाद परिवार ने नम आंखों के साथ शास्त्री नगर मोक्षधाम के पास पूरे सम्मान और रीति-रिवाजों के साथ उसे अंतिम विदाई दी। ब्यूटी की यह कहानी एक बेजुबान के निस्वार्थ प्रेम और परिवार के संस्कारों की भावुक मिसाल बन गई।
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