मुख्यमंत्री की वर्मी कम्पोस्ट इकाई योजना, किसानों को मिलेगा 50 हजार का अनुदान          

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  1. किसानों को वर्मीकम्पोस्ट इकाई का स्थायी निर्माण करने पर अनुदान देने की घोषणा     
  2. ये हैं योजना के उद्देश्य
  3. इकाई पर अनुदान देय
  4. वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थायी निर्माण के पात्रता
  5. ऑफलाइन आवेदन नहीं लिए जाएंगे

चित्तौड़गढ़। किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ ही उनको सशक्त बनाने के लिए सरकार ने वर्मी कंपोस्ट इकाई निर्माण योजना शुरु की है। योजना के तहत किसानों को लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा।

किसानों को वर्मीकम्पोस्ट इकाई का स्थायी निर्माण करने पर अनुदान देने की घोषणा     
राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में की थी। इस योजना से जुडने के लिए किसान निकटतम ई-मित्र केंद्र पर जाकर या स्वयं राज किसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अनुदान लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। आवेदन अधिक की स्थिति में लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

योजना के उद्देश्य

रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों के अधिकाधिक उपयोग से बंजर होती जमीन को बचाने के साथ खाद्यान्न की गुणवत्ता बेहतर करने की दृष्टि से यह योजना शुरू की गई है। इस योजना से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण संतुलन भी बना रहेगा। रासायनिक खादों के उपयोग को कम करना और मृदा की उर्वरकता को बनाए रखना है। गोबर व कचरे से अच्छी गुणवत्ता वाली जैविक खाद बनाना है, ताकि जमीनें बंजर न हो।

इकाई पर अनुदान देय

वर्मी कंपोस्ट इकाई स्थापना योजना के तहत किसानों को वर्मी कम्पोस्ट इकाई का स्थायी निर्माण करने पर अनुदान दिया जाएगा। इसमें कार्यक्रम के तहत किसानों को 30 गुणा 8 फीट गुणा 2.5 फीट आकार के पक्के निर्माण के साथ वर्मी कंपोस्ट इकाई की स्थापना के लिए 50 हजार रुपए तक का अनुदान मिलेगा।

वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थायी निर्माण के पात्रता


वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थायी निर्माण के लिए भूस्वामित्व वाले किसान आवेदन कर सकते हैं। उनके पास पर्याप्त पशुधन, पानी और कार्बनिक पदार्थ की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। किसानों के पास न्यूनतम 0.4 हैक्टेयर कृषि योग्य स्वयं की भूमि होनी चाहिए। किसान स्वयं के नाम से भू-स्वामित्व नहीं होने की स्थिति में किसान के पिता के जीवित होने या मृत्यु पश्चात नामान्तरण के अभाव में यदि आवेदक किसान स्वयं के पक्ष में भू-स्वामित्व में नोषनल शेयर धारक का प्रमाण पत्र राजस्व विभाग/हल्का पटवारी से प्राप्त कर आवेदन के साथ प्रस्तुत करता है तो भी अनुदान के पात्र माने जाएंगे। किसान नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर अथवा स्वयं के स्तर पर राज किसान साथी पोर्टल पर किसान/नागरिक लॉग इन पर जाकर जनाधार नम्बर के माध्यम से आवेदन कर सकेगा। आवेदन पत्र को ई-प्रपत्र में भरा जा सकता है। आवश्यक दस्तावेज जमाबन्दी की नकल 6 माह से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।

ऑफलाइन आवेदन नहीं लिए जाएंगे

आवेदक को आवेदन पत्र की प्राप्ति की सूचना ऑनलाइन आधार में पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस से प्राप्त होगी। आवेदन पत्र की ऑनलाइन जांच के समय आवेदन में कोई कमी मिलने पर आवेदक को आधार से जुडे मोबाइल नम्बर पर संदेश भेजा जाएगा। आवेदक को 15 दिवस में राज किसान साथी पोर्टल पर कमी पूर्ति करनी होगी। अन्यथा 15 दिवस के उपरांत आवेदन स्वतः ही निरस्त हो जाएगा।
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Author: chittorgarhnews

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