शिविरों में पात्र व्यक्तियों को मिले अधिकतम लाभ, किसी भी स्तर पर नहीं हो लापरवाही

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Eligible individuals should receive maximum benefits at the camps; there must be no negligence at any level.

किसी दबाव में आकर नियम विरुद्ध कार्य करने पर होगी जवाबदेही तय

होटल, मॉल एवं बड़े प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करें अधिकारी, वर्षा पूर्व नालों की सफाई प्राथमिकता से करें

चित्तौड़गढ़ जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले। नियम विरुद्ध कार्य या लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी। साथ ही होटल, मॉल और बड़े प्रतिष्ठानों के निरीक्षण, फायर सेफ्टी की पालना तथा वर्षा पूर्व नालों की सफाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

चित्तौड़गढ़, 19 जून। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में गुरुवार सायं जिला मुख्यालय स्थित डीओआईटीसी वीसी कक्ष से शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविर को लेकर वीसी के माध्यम से बैठक आयोजित हुई । बैठक में नगर परिषद, नगर पालिका एवं नगर विकास न्यास के कार्यों की समीक्षा की गई। जिले के समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी, नगर निकाय एवं विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

 

बैठक में जिला कलक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार की मंशानुसार शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। शिविरों में आने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति की समस्या का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों में कार्य करते समय पूर्ण पारदर्शिता रखी जाए तथा किसी भी प्रकार के नियम विरुद्ध कार्य नहीं किया जाए। यदि कहीं अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

 

जिला कलक्टर ने नगर परिषद एवं नगर पालिका क्षेत्रों में स्थित होटल, मॉल, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण करने, फायर सेफ्टी के नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपखंड अधिकारी एवं नगर निकाय अधिकारी संयुक्त रूप से निरीक्षण कर सुरक्षा, स्वच्छता एवं जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें।

 

वर्षा ऋतु को देखते हुए जिला कलक्टर ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए कि नालों, नालियों एवं जल निकासी तंत्र की सफाई कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि वर्षा के दौरान जलभराव अथवा आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

 

मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक ने ग्रामीण सेवा शिविरों की समीक्षा करते हुए सभी विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि घुमंतू एवं अर्धघुमंतू परिवारों को पात्रता अनुसार भूमि आवंटन की कार्रवाई प्राथमिकता से की जाए। जिन पंचायत समितियों में शिविरों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है वहां विशेष प्रयास कर प्रकरणों के निस्तारण एवं योजनाओं के लाभ वितरण में तेजी लाई जाए।

 

अति. जिला कलक्टर (भू.अ.) रामचंद्र खटीक ने ग्रामीण सेवा शिविरों में राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए उपखंड अधिकारियों एवं तहसीलदारों को अधिकाधिक प्रकरणों का मौके पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यालय, चिकित्सालय, पटवार भवन एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए सरकारी भूमि चिन्हित एवं सुरक्षित रखने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा करते हुए नगर परिषद एवं नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। आमजन को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ें तथा शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को राहत एवं योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।

 

बैठक में अति. जिला कलक्टर दिनेश धाकड़, उपखंड अधिकारी बीनू देवल, नगर विकास न्यास सचिव अंशुल आमेरिया, नगर परिषद आयुक्त रविन्द्र यादव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता सुनीत गुप्ता, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा, अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता सहित जिले के समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: chittorgarhnews

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