Posthumous eye donation to bring light into the lives of two visually impaired individuals; Rikhb Lal Kawadiya, a resident of Rashmi, becomes an inspiration.

चित्तौड़गढ़, 29 जुलाई। राशमी निवासी रिखब लाल कावड़िया के जिला चिकित्सालय चित्तौड़गढ़ में आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों ने मानवता और सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मरणोपरांत नेत्रदान का निर्णय लिया। परिजनों की सहमति एवं उपस्थिति में नेत्रदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।
नेत्रदान के इस पुनीत कार्य में महावीर इंटरनेशनल के सी.पी. जैन, अनिल पोखरणा एवं अभय संजेती मौजूद रहे। महावीर इंटरनेशनल नेत्र चिकित्सालय की नेत्र सर्जन डॉ. कनिका तुलसानी के निर्देशन में वसीम खान एवं मनोज वैष्णव ने कॉर्निया उत्सर्जन की प्रक्रिया पूरी की।
प्राप्त दोनों कॉर्निया से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने का अवसर मिलेगा। यह प्रेरणादायी निर्णय दिवंगत रिखब लाल कावड़िया की अमर विरासत बनकर समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश देगा।
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मरकर भी किसी के जीवन में उजाला भर देना सबसे बड़ा मानव धर्म है। राशमी निवासी रिखब लाल कावड़िया के निधन के बाद उनके परिजनों ने मरणोपरांत नेत्रदान कर दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी की नई उम्मीद जगाई। यह प्रेरणादायक पहल समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।






