Auction of 14 vehicles seized in drug smuggling case, revenue of Rs 8.59 lakh to the government

चित्तौड़गढ़, 13 जून। जिले के विभिन्न पुलिस थानों में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जब्त किए गए वाहनों का शुक्रवार को नियमानुसार निस्तारण करते हुए खुली बोली के माध्यम से नीलामी की गई। निंबाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट प्लांट के टाउन हॉल में आयोजित इस नीलामी प्रक्रिया में 14 वाहनों का विक्रय किया गया, जिससे सरकार को करीब 8 लाख 59 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन तथा पुलिस मुख्यालय राजस्थान के निर्देशों की पालना में जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति द्वारा यह कार्रवाई की गई। नीलामी में 8 दोपहिया, 5 चौपहिया तथा 1 भारी वाहन शामिल रहे, जिन्हें खुली बोली के माध्यम से उच्चतम बोली लगाने वालों को आवंटित किया गया।
एसपी ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिला अफीम उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र होने के साथ-साथ राज्य की सीमा से लगा हुआ है, जिसके कारण मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आते हैं। तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को पुलिस द्वारा जब्त किया जाता है, जिससे थानों के मालखाने भर चुके हैं। ऐसे में नियमानुसार इन वाहनों का निस्तारण आवश्यक था।
नीलामी प्रक्रिया के लिए पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, अपराध सहायक जोधाराम गुर्जर, उप कोषाधिकारी कैलाश भराडिया, कनिष्ठ लेखाधिकारी शैलेश बोरीवाल तथा परिवहन निरीक्षक सतीश मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वाहनों के प्रस्ताव विभिन्न पुलिस थानों से प्राप्त किए गए थे। जिन मामलों में न्यायालय का निर्णय हो चुका था अथवा भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, उन्हें नीलामी के लिए पात्र माना गया। नीलामी प्रक्रिया का संचालन कार्यालय के एएसआई मनोज कुमार एवं लेखा शाखा के कर्मचारियों की देखरेख में किया गया।
इस खुली बोली में चित्तौड़गढ़ के अलावा उदयपुर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा तथा मध्यप्रदेश के बोलीदाताओं ने भी भाग लिया। सभी 14 वाहनों के लिए प्राप्त उच्चतम बोलियों को स्वीकार करते हुए सफल बोलीदाताओं को अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किए गए अन्य वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया भी आगे निरंतर जारी रहेगी, जिससे थानों में स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ राजस्व में भी वृद्धि होगी।
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