Study tour of Public Accounts Committee of Rajasthan Legislative Assembly, brainstorming on parliamentary functioning and good governance in Jammu and Kashmir

चित्तौड़गढ़। राजस्थान विधानसभा की जन लेखा समिति इन दिनों तीन राज्यों के महत्वपूर्ण अध्ययन दौरे पर है। 8 जून से शुरू हुआ यह दौरा 16 जून तक चलेगा, जिसमें समिति के सदस्य जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा राज्यों की विधानसभाओं का भ्रमण कर रहे हैं।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य इन राज्यों की जन लेखा समितियों और प्राक्कलन समितियों की कार्यप्रणाली को समझना और संसदीय उत्कृष्टताओं का आदान-प्रदान करना है। इस अध्ययन यात्रा के पहले चरण में राजस्थान की जन लेखा समिति ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया।
समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा भवन का अवलोकन कर वहां की संसदीय प्रक्रियाओं की जानकारी ली। इस प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान के कई वरिष्ठ विधायक और जन प्रतिनिधि शामिल हैं।
जिनमें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, अर्जुनलाल जीनगर, डॉ सुरेश धाकड़, अनीता भदेल शामिल है।
समिति के इन सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जहां दोनों राज्यों के जन प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे का स्वागत किया।
भेंट के दौरान राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष तथा वहां की जन लेखा समिति एवं प्राक्कलन समिति के सदस्यों के साथ एक विस्तृत और सार्थक बैठक की।
इस बैठक में मुख्य रूप से दोनों राज्यों की कमेटियों ने जनहित से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाने और उनके त्वरित निस्तारण की प्रक्रियाओं पर अपने अनुभव साझा किए। लोकतंत्र के आधारभूत स्तंभों को कैसे अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए, इस पर विस्तार से चर्चा हुई।
सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और वित्तीय प्रबंधन में जवाबदेही तय करने बेहतरीन कार्यप्रणालियों पर विचार-विमर्श किया गया। जनकल्याण से जुड़े विषयों पर दोनों राज्यों के अनुभवों को साझा किया गया ताकि एक-दूसरे की सफल नीतियों से सीखा जा सके।
जम्मू-कश्मीर का सफल दौरा संपन्न करने के बाद, यह समिति अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पंजाब और हरियाणा के दौर पर है।
वहां भी समिति के सदस्य संबंधित राज्यों की विधानसभाओं का दौरा करेंगे और विधायी कार्यों के साथ-साथ वित्तीय समितियों के कामकाज की बारीकियों का अध्ययन करेंगे
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता







