Major relief to hotel and service sector: Pollution Control Board’s special exemption scheme implemented

चित्तौड़गढ़, 28 जनवरी। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने राज्य में पर्यावरण संरक्षण कानूनों के अनुपालन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से होटल एवं सेवा क्षेत्र की इकाइयों के लिए एक विशेष छूट योजना लागू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक बिना स्थापना एवं संचालन सम्मति के संचालित इकाइयों को बड़ी राहत प्रदान की गई है।
यह योजना जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत पहले से स्थापित एवं संचालित, लेकिन सम्मति प्राप्त नहीं कर सकी इकाइयों को ध्यान में रखकर लागू की गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसी इकाइयों को वैध सम्मति प्राप्त करने हेतु प्रेरित करना है, जिससे पर्यावरणीय नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके।
योजना के अंतर्गत होटल, रिसॉर्ट, अस्पताल, मैरिज गार्डन, शैक्षणिक संस्थान, शॉपिंग मॉल, ऑटोमोबाइल सर्विसिंग स्टेशन, कॉल सेंटर, बीपीओ सहित सेवा क्षेत्र की सभी वे इकाइयाँ, जो अब तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के सम्मति दायरे में नहीं आई हैं, वे 31 मार्च 2026 तक संचालन सम्मति हेतु आवेदन कर सकती हैं।
विशेष छूट के तहत पात्र इकाइयों को उन वर्षों के लिए किसी भी प्रकार का पिछला शुल्क नहीं देना होगा, जिन वर्षों में वे बिना वैध सम्मति के संचालित रही हैं। हालांकि, इकाइयों को जल एवं वायु अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया शुल्क के अनुसार स्थापना एवं संचालन सम्मति के लिए आवेदन करना अनिवार्य रहेगा।
यह योजना उन इकाइयों पर भी लागू होगी, जिनके सम्मति संबंधी आवेदन पूर्व में किए जा चुके हैं एवं वर्तमान में राज्य मण्डल के पास लंबित हैं। वहीं, जिन प्रकरणों का निस्तारण पहले ही किया जा चुका है, उनमें पूर्व अवधि की फीस की वापसी पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल, क्षेत्रीय कार्यालय चित्तौड़गढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी आशीष कुमार बौरासी ने सभी पात्र होटल एवं सेवा क्षेत्र की इकाइयों से अपील की है कि वे इस विशेष छूट योजना का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित समय-सीमा में स्थापना एवं संचालन सम्मति के लिए आवेदन करें तथा पर्यावरणीय कानूनों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें।
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