चित्तौड़गढ़ में ईमानदारी की मिसाल: ऑटो चालक ने यात्री का पर्स लौटाया, भीतर थे 18 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेज

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चित्तौड़गढ़, 03 नवम्बर। शहर में ईमानदारी की एक मिसाल देखने को मिली, जब एक ऑटो चालक ने यात्री का पर्स सुरक्षित लौटाकर मानवता और सच्चाई की मिसाल कायम की।

जानकारी के अनुसार, उज्जैन निवासी जगजीत आशानंद साहू 1 नवम्बर को चित्तौड़गढ़ घूमने आए थे। उन्होंने स्थानीय ऑटो से यात्रा की और शहर के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। इसी दौरान गलती से उन्होंने अपना पर्स ऑटो में ही भूल गए।

 

ऑटो चालक कुम्भा नगर निवासी यासीन खां को जब वाहन में पर्स मिला, तो उसने पर्स खोलकर देखा जिसमें लगभग 17 से 18 हजार रुपये नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं अन्य जरूरी कागजात थे। पर्स में मौजूद आधार कार्ड पर दिए मोबाइल नंबर से संपर्क कर यासीन ने यात्री को सूचना दी कि उनका पर्स सुरक्षित है।

 

इस पर जगजीत आशानंद साहू ने तुरंत संपर्क किया और 2 नवम्बर की रात को चित्तौड़गढ़ पहुंचे। भारतीय ऑटो चालक यूनियन के नेतृत्व में यासीन ने पर्स यात्री को सुरक्षित लौटा दिया।

 

पर्स मिलने पर जगजीत साहू ने राहत की सांस ली और ऑटो चालक यासीन तथा यूनियन की ईमानदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि “चित्तौड़गढ़ के ऑटो चालक वाकई ईमानदार हैं, यहां इंसानियत आज भी जिंदा है।”

 

यह घटना इस बात की तस्दीक करती है कि चित्तौड़गढ़ में आज भी सच्चाई और ईमानदारी कायम है। पर्स सौंपते दौरान भारतीय ऑटो चालक यूनियन के अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोड़ा, अब्दुल जब्बार सहित अन्य ऑटो चालक मौजूद रहे।

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Ilyas
Author: Ilyas

पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता

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