मार्बल ग्रेनाईट उद्योग में जीएसटी दर घटाकर 5 प्रतिशत की जाये-आक्या

चित्तौडगढ़। विधायक चंद्रभानसिंह आक्या के नेतृत्व में चित्तौड़गढ़ मार्बल उद्योग के प्रतिनिधिमण्डल ने जयपुर में उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री दीया कुमारी एवं उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से भेंटकर उन्हे मार्बल व ग्रेनाईट उद्योेग में आने वाली समस्याओं से अवगत कराते हुए इस उद्योग पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटा कर 5 प्रतिशत कराने संबंधी ज्ञापन सौंपा। विधायक आक्या ने अवगत कराया कि राजस्थान मार्बल ग्रेनाईट का देश में सबसे बड़ा उत्पादक एवं विनिर्माण उद्योग है, जिसमें प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 लाख परिवारो का भरण पोषण होता है। भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार की नीतियो से औद्योगिकरण को बल तो मिला लेकिन जीएसटी 18 प्रतिशत होने से यह उद्योग पिछड़ने लगा है। मार्बल उद्योगो की उत्पादन क्षमता मात्र 50 प्रतिशत रह जाने से राजस्व पर बुरा असर पड़ा है तथा बेरोजगारी बढने लगी है। जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने से इस उद्योग को राहत मिलेगी। विधायक आक्या ने उप मुख्यमंत्री व उद्योग मंत्री को बताया कि चित्तौडगढ़ में जीएसटी से पूर्व 144 गेंगसा यूनिट थी जो वर्तमान में 104 ही रह गई है। व्यापारी वर्ग ने गे्रनाईट यूनिट लगाना बंद कर दिया है। इस वजह से उद्योग से जुड़े मजदूरो पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है तथा वे पलायन करने को मजबूर हो गए है। विधायक आक्या ने बताया कि मार्बल माईंस भण्डार अकेले राजस्थान में ही 2220 मिलियन टन है जो कि भारत में निकलने वाले भण्डार का पचास फिसदी है। अकेले राजस्थान में करीब 6 हजार माईनिंग लीज है। इसी प्रकार ग्रेनाईट माईंस का भण्डार राजस्थान में 8500 मिलिटन क्यूबीक मीटर है जो कि पूरे भारत में भण्डार का 20 प्रतिशत है। वर्ष 2022-23 तक मार्बल ग्रेनाईट व अन्य स्टोन का निर्यात 2085 मिलियन यूएसडी था। जीएसटी 5 प्रतिशत करने से वोकल फॅार लोकल को बल मिलेगा। इस अवसर पर मार्बल उद्योग संस्था के भागचन्द मून्दडा, सुदर्शन रामपुरिया आदि उपस्थित थे।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता








