युवती की हत्या कर शव फेंकने के अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा 

SHARE:

चित्तौडगढ़। अनुसूचित जाति-जनजाति विशिष्ट न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में युवती की हत्या और अनुसूचित जाति-जनजाति निवारण अधिनियम के तहत अभियुक्त को दोषी पाया है। अभियुक्त को आजीवन कारावास व 60 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। अभियुक्त ने प्रेम प्रसंग में युवती को रास्ते से हटाने के कारण हत्या कर दी थी। फैसला सुनाने के दौरान युवती के परिजन और समाज के लोग भी पहुंचे थे। अनुसूचित जाति-जनजाति विशिष्ट न्यायालय के विशिष्ट लोक अभियोजक हंसराज रांकावत ने बताया कि 25 सितम्बर 2021 को करण सिंह पुत्र गोविन्द सिंह ने सदर थाना में एक लिखित रिपोर्ट दी थी, जिसमें बताया कि बराड़ा हाईवे रोड पुलिया के पास बने सर्विस रोड पर नाले के पास एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है। इसकी उम्र करीब 25 साल है और उसके कपड़ों और अन्य चीजों की जानकारी दी। इस मामले में पुलिस ने परिस्थितियों को देखते हुए आईपीसी की धारा 302, 201 और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम की धारा 3index.html2 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने रोलाहेड़ा थाना चंदेरिया निवासी सत्यनारायण उर्फ विराट को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अनुसंधान के बाद अभियुक्त के विरूद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की सुनवाई के दौरान 43 लोगों के बयान दर्ज कराए, वहीं 118 दस्तावेज प्रदर्शित किए गए। गला घोंट कर युवती की हत्या कर देने के इस मामले में सुनवाई करते हुए विशिष्ट न्यायाधीश अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण प्रकरण के पीठासीन अधिकारी देवेन्द्र सिंह पंवार ने सोमवार को फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने अभियुक्त सत्यनारायण उर्फ विराट को दोषी मानते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड सुनाया। साथ ही धारा 201 के तहत 5 वर्ष कारावास और 10 हजार रुपए तथा एससी, एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड का भुगतान नहीं किए जाने की दशा में 6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने मृतका के माता-पिता को अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण नियम 1995 के तहत क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशंसा की।

यह खबरें भी पढ़ें…

Ilyas
Author: Ilyas

पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता

Leave a Comment