Capacity Building Workshop for PLV Volunteers and Social Lawyers Organized, Training on Human-Wildlife Conflict and Cyber Security

चित्तौड़गढ़, 22 अप्रैल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के सभागार में मंगलवार को पैरालीगल वालेंटियर्स (PLV), सोशल लॉयर्स एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के लिए क्षमतावर्धन कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मानसिंह चूण्डावत ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ।
सचिव सुनील कुमार गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा “मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच योजना 2025” शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य वन सीमावर्ती, आदिवासी एवं संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कानूनी सहायता, मुआवजा, जागरूकता और राहत उपलब्ध कराना है।
उन्होंने “ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार” अभियान के तहत किशोर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, संरक्षण और न्याय तक पहुंच विषय पर जागरूक करने की जानकारी दी। साथ ही विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड और उनसे बचाव के उपाय भी बताए गए।
अध्यक्ष मानसिंह चूण्डावत ने उपस्थित सदस्यों को पॉक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला तथा बाल विवाह रोकथाम के लिए अधिकाधिक जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए।
अधिवक्ता आयुषी गहलोत ने पैरालीगल वालेंटियर्स को संवाद क्षमता विकसित करने एवं समाज में प्रभावी कार्य करने के कौशल बताए।
कार्यक्रम में सहायक उपवन संरक्षक हेमन्त कुमार गौतम, पंचायती राज विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, समाज कल्याण विभाग, साइबर थाना चित्तौड़गढ़, पुलिस विभाग, पैनल अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों एवं लोक अभियोजकों ने भी विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
अंत में कुलदीप परमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता








