किले के खजाने का लालच देकर ठगी की तैयारी, तांत्रिक बन घूम रहे गैंग का भंडाफोड़

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A gang posing as witch doctors was busted after they lured people with the promise of a fort’s treasure.

सदर थाना पुलिस की कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार; डिटेक्टर मशीन जब्त

चित्तौड़गढ़, 13 मार्च। खुद को तांत्रिक बताकर “राजा-महाराजा काल का जमीन में दबा खजाना” ढूंढने का लालच देकर ग्रामीणों को ठगने की फिराक में घूम रहे गिरोह का सदर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी डिटेक्टर मशीन लेकर किले के आसपास सुनसान स्थानों पर सोना खोजने का नाटक करते थे और भोले-भाले ग्रामीणों को खजाना मिलने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठने की योजना बना रहे थे।

पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि सदर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मध्यप्रदेश के मंदसौर क्षेत्र से आए कुछ लोग खुद को तांत्रिक बताकर चित्तौड़गढ़ शहर व आसपास के गांवों में घूम रहे हैं। ये लोग ग्रामीणों को बताते थे कि किले के आसपास पुराने मंदिरों, छतरियों व सुनसान स्थानों पर राजा-महाराजाओं के समय का खजाना जमीन में दबा हुआ है और उनके पास ऐसी विशेष मशीन व तांत्रिक विद्या है जिससे वे उसे खोज सकते हैं।

खजाना नहीं, सलाखें मिलीं! “अंधविश्वास का अंत: कैसे तांत्रिक बनकर ठगों ने रची थी किले में खजाने की साजिश। (दृश्य काल्पनिक)

सूचना पर सदर थाना सीआई प्रेम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए कोटा रोड स्थित किले के पीछे ओछड़ी पुलिया के पास दबिश दी। यहां सुनसान जगह पर पुरानी बंद गुमटियों के पास चार संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। उनमें से एक व्यक्ति हाथ में डिटेक्टर मशीन लेकर जमीन पर घुमाते हुए सोना खोजने का नाटक कर रहा था।

पुलिस को देखते ही चारों आरोपी घबराकर गुमटियों व ढाबों की आड़ में छिपने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने जमीन में दबा खजाना ढूंढने की बात कही, लेकिन ग्रामीणों को झांसा देकर ठगी की आशंका के आधार पर पुलिस ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में 37 वर्षीय गोपाल सोनी निवासी आगर (मध्यप्रदेश), 40 वर्षीय सलीम अहमद निवासी मंदसौर (मध्यप्रदेश), 43 वर्षीय मुकेश नाथ निवासी आगर (मध्यप्रदेश) तथा 51 वर्षीय हिरालाल मीणा निवासी निम्बाहेड़ा शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से कथित डिटेक्टर मशीन भी जब्त की है।
पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने क्षेत्र में कितने लोगों को “किले के खजाने” का सपना दिखाकर ठगने की कोशिश की।

इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में एएसआई मुरलीदास, कांस्टेबल हेमवृत सिंह, डूंगर सिंह, नरेन्द्र सिंह व हेमेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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Ilyas
Author: Ilyas

पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता

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