पावन-चित्तौड़गढ़ स्वच्छता अभियान” का भव्य शुभारंभ

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Grand launch of “Pavan-Chittorgarh Cleanliness Campaign”

स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने का आह्वान

चित्तौड़गढ़, 20 फरवरी। राष्ट्रीय स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में “पावन-चित्तौड़गढ़ स्वच्छता अभियान” का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ किया गया। नगर परिषद परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सांसद सीपी जोशी, जिला कलक्टर आलोक रंजन, राजस्थान परमाणु बिजलीघर (NPCL) के यूनिट हेड डी. सुब्बाराव एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलन कर अभियान की शुरुआत की।

पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त चित्तौड़गढ़ के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान के अंतर्गत NPCL द्वारा उपलब्ध कराए गए 10 हजार कपड़े के बैग आमजन को वितरित किए गए। अभियान का लक्ष्य स्वच्छता को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए जिले को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वास्थ्यप्रद बनाना है।

मुख्य अतिथि सांसद सी.पी. जोशी ने कहा कि वे स्वयं इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे और आमजन के साथ मिलकर चित्तौड़गढ़ को स्वच्छ बनाने का कार्य करेंगे। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से प्रति रविवार स्वच्छता अभियान में भाग लेने और कम से कम 10 लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। साथ ही प्लास्टिक थैली के स्थान पर कपड़े की थैली या टोकरी के उपयोग को अपनाने की अपील की।

जिला कलक्टर आलोक रंजन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अभियान के नोडल अधिकारी राकेश कुमार पुरोहित ने इसकी रूपरेखा एवं क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।

चित्तौड़ दुर्ग से विशेष शुभारंभ
अभियान की विशेष शुरुआत ऐतिहासिक Chittorgarh Fort से की जाएगी। दुर्ग क्षेत्र को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने का संकल्प लिया गया है। साथ ही शहर के प्रत्येक घर तक पुनः उपयोग योग्य थैलियां उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूर्ण रूप से बंद किया जा सके।


कार्यक्रम के दौरान “म्हारो पावन चित्तौड़” लोगो, टी-शर्ट एवं पेन का विमोचन भी किया गया। समापन पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई और चित्तौड़गढ़ को स्वच्छता के क्षेत्र में आदर्श जिला बनाने का संकल्प लिया गया।

हालांकि शहर के कई वार्डों में नियमित कचरा संग्रहण, नालों की सफाई और सड़कों पर फैली गंदगी की समस्या अभी भी बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि पूर्व में भी कई अभियान शुरू हुए, लेकिन निरंतर मॉनिटरिंग और सख्ती के अभाव में उनका प्रभाव सीमित रहा। ऐसे में यह अभियान तभी सफल माना जाएगा जब घोषणाओं के साथ जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई, नियमित निगरानी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।

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Ilyas
Author: Ilyas

पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता

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