चित्तौड़गढ़/भदेसर। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तरीय एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन श्री माणिक्य लाल वर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भदेसर में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जयपुर निदेशालय से आए कार्यक्रम अधिकारी रमेश चंद्र पुष्करणा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अध्यक्षता सीबीईओ भदेसर गोवर्धन लाल देवत ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सहायक परियोजना अधिकारी तेजपाल सिंह शक्तावत, शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिला अध्यक्ष पूरणमल लोहार, तथा एसीबीईओ सत्यनारायण गर्ग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में नोडल अधिकारी शंभूलाल मेनारिया, पीईईओ श्यामलाल लुहाड़िया, आर.पी. नारायण सिंह एवं स्काउट गाइड सचिव शंकर लाल भांबी सहित ब्लॉक के सभी पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी एवं विद्यालय साक्षरता प्रभारी भी मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि रमेश चंद्र पुष्करणा ने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रमुख घटकों की जानकारी देते हुए कहा कि यह एक जन आंदोलन है, जो कर्तव्य बोध और सामुदायिक सहभागिता की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बुनियादी साक्षरता, संख्या ज्ञान और जीवन कौशल समाज को आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाने के प्रमुख स्तंभ हैं।
अध्यक्ष गोवर्धन लाल देवत ने कहा कि “उल्लास कार्यक्रम” सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें स्वयंसेवक शिक्षकों के माध्यम से निरक्षरों को बुनियादी शिक्षा और संख्या ज्ञान सिखाया जा रहा है।
तेजपाल सिंह शक्तावत ने साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति का आंकलन करते हुए कहा कि इसे जन आंदोलन का रूप देकर शिक्षा से वंचित प्रत्येक व्यक्ति को मुख्य धारा में जोड़ा जा सकता है।
प्रशिक्षक रोशन शर्मा, जगदीश चंद्र वैष्णव एवं ललित कुमार शर्मा ने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के घटकों — मूलभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान, जीवन कौशल, व्यावसायिक शिक्षा और सतत साक्षरता — पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
मंच संचालन रमेशचंद्र लक्षकार ने किया तथा ब्लॉक साक्षरता समन्वयक कमलेश शर्मा ने बताया कि “उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम” के तहत भदेसर ब्लॉक में अब तक 80 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। “जन-जन हो साक्षर, यही है आत्मनिर्भर भारत का आधार” कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा।










