राजस्थान में अडानी से जुड़े विवाद पर बड़ा फैसला और तुरंत जज का ट्रांसफर

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अडानी के खिलाफ फैसले के बाद जज का ट्रांसफर, राजस्थान में उठा बड़ा सवाल

जयपुर | विशेष रिपोर्ट

राजस्थान में अडानी समूह से जुड़े एक बड़े ठेका विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। जयपुर की कमर्शियल कोर्ट द्वारा अडानी समूह की कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाने वाले जज का उसी दिन ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और प्रशासनिक फैसलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामला छत्तीसगढ़ के पारसा ईस्ट–कांटे बसन कोयला ब्लॉक से जुड़ा है, जहां अडानी समूह की कंपनी Parsa Kente Collieries Limited (PKCL) और राजस्थान सरकार की ऊर्जा कंपनी RRVUNL के बीच कोयला आपूर्ति का समझौता हुआ था। कोर्ट में यह आरोप सामने आया कि रेलवे साइडिंग का निर्माण नहीं होने के बावजूद सड़क परिवहन का खर्च राज्य सरकार से वसूला गया, जिससे करीब ₹1400 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त राशि ली गई।

जयपुर कमर्शियल कोर्ट के जज दिनेश कुमार गुप्ता ने अपने फैसले में इसे अनुचित लाभ मानते हुए अडानी से जुड़ी कंपनी पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया और पूरे मामले की CAG ऑडिट कराने के आदेश दिए।

फैसले के बाद तुरंत ट्रांसफर

सबसे ज्यादा विवाद इस बात को लेकर हुआ कि जिस दिन यह फैसला सुनाया गया, उसी दिन जज दिनेश कुमार गुप्ता का ट्रांसफर आदेश जारी कर दिया गया। उन्हें जयपुर से हटाकर ब्यावर जिले की अदालत में पदस्थापित कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई ने कानूनी और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।

कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और न्यायिक विशेषज्ञों का कहना है कि फैसले के तुरंत बाद ट्रांसफर की टाइमिंग संदेह पैदा करती है, जबकि सरकार और प्रशासनिक पक्ष इसे नियमित प्रक्रिया बता रहा है।

हाई कोर्ट ने लगाई रोक

इसके बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने अडानी से जुड़ी कंपनी की अपील पर सुनवाई करते हुए कमर्शियल कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी। फिलहाल जुर्माने और CAG ऑडिट के आदेश पर अमल नहीं हो रहा है। मामला अभी हाई कोर्ट में विचाराधीन है।

राष्ट्रीय स्तर पर बहस

यह प्रकरण अब केवल एक ठेका विवाद नहीं रह गया है, बल्कि

• न्यायपालिका की स्वतंत्रता

• बड़े कॉर्पोरेट समूहों पर फैसले

• और प्रशासनिक दबाव जैसे मुद्दों पर

देश-भर में बहस का विषय बन गया है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि आने वाली सुनवाई में हाई कोर्ट का रुख इस मामले की दिशा तय करेगा।

Source / Credit :

• Scroll.in

• The Lens

• TMV (The Media Voice)

• राजस्थान हाई कोर्ट व कमर्शियल कोर्ट से जुड़े सार्वजनिक न्यायिक आदेश

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Author: chittorgarhnews

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