सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ नगर निकाय चुनाव, तीनों निकायों में 69.89 प्रतिशत मतदान

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चित्तौड़गढ़। जिले में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण के तहत बुधवार को चित्तौड़गढ़, बेगूं और रावतभाटा नगर निकायों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जिले के तीनों निकायों के कुल 130 वार्डों में 173 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों के लिए भी मतदान हुआ।

जिले में कुल 69.89 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इनमें बेगूं नगर पालिका में सर्वाधिक 84.36 प्रतिशत, चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में 67.87 प्रतिशत तथा रावतभाटा नगर पालिका में 66.82 प्रतिशत मतदान हुआ। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। युवा और नवमतदाताओं में मतदान को लेकर उत्साह देखने को मिला।

सांसद सीपी जोशी और विधायक आक्या ने साथ किया मतदान

चुनाव के दौरान मधुबन स्थित मतदान केंद्र पर सांसद सीपी जोशी और स्थानीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने साथ पहुंचकर मतदान किया। मतदान के बाद सांसद सीपी जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव एक बड़ा उत्सव है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में अलग-अलग समय पर चुनाव होने से राजस्थान लगातार इलेक्शन मोड में रहा, जिससे विकास प्रभावित हुआ।

उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार ने ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की सोच के साथ नगर निकाय चुनाव दो चरणों में कराने का निर्णय लिया है। सांसद ने विश्वास जताया कि शहर की जनता स्वच्छता, सुंदरता, हरियाली और सर्वांगीण विकास के लिए ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने के पक्ष में है।

विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कामकाज से जनता में विकास की नई उम्मीद जगी है। उन्होंने दावा किया कि निकायों में तेज गति से विकास कार्य कराने के लिए आम जनता भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए एकजुट है।

कम वोटिंग ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की चिंता

निकाय चुनाव में कई वार्डों में मतदान प्रतिशत कम रहने से भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ी रहीं। कम मतदान वाले वार्डों में कई प्रत्याशियों के चेहरे पर मायूसी दिखाई दी, जबकि जिन वार्डों में मतदान प्रतिशत बेहतर रहा, वहां प्रत्याशियों और समर्थकों में उत्साह नजर आया।

मतदान प्रतिशत को लेकर दोनों प्रमुख दल अपने-अपने सियासी समीकरणों का आकलन करते रहे। कुछ वार्डों में 70 प्रतिशत से अधिक मतदान भी हुआ, जिसके बाद प्रत्याशी अपने-अपने पक्ष में मतदान होने के दावे करते नजर आए। हालांकि, वास्तविक स्थिति चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मतदान केंद्रों पर दिनभर रहा चुनावी माहौल

सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ और समर्थकों की मौजूदगी रही। मतदान प्रक्रिया कुछ केंद्रों पर धीमी गति से चलने के बावजूद मतदाताओं ने मतदान किया। कुछ संवेदनशील मतदान केंद्रों के बाहर समर्थकों के बीच हल्की-फुल्की झड़प और कहासुनी की घटनाएं सामने आईं, लेकिन पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

चुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा, उपाधीक्षक बृजेश सिंह, सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह और कोतवाल रजनीश कुमार सहित पुलिस अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की लगातार गश्त के चलते कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई और छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. मंजू ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. मंजू ने मतदान दिवस पर विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदान प्रक्रिया और निर्वाचन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश धाकड़ एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा सहित अधिकारियों के साथ राउप्रावि कुंभानगर, गाड़िया लोहार स्कूल और महाराणा प्रताप महाविद्यालय स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदान दलों से मतदान की प्रगति और केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से भी बातचीत की और मतदान केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा का ध्यान रखने के निर्देश दिए।

बुजुर्गों में भी दिखा मतदान का उत्साह

मतदान केंद्रों पर स्काउट-गाइड और विद्यालयों के स्वयंसेवक बुजुर्ग मतदाताओं की सहायता करते नजर आए। बूथ नंबर 68 पर 83 वर्षीय सुशीला देवी अग्रवाल ने स्काउट-गाइड के सहयोग से मतदान किया।

वहीं 75 वर्षीय सुशीला सोमानी अपने पुत्र अशोक और पुत्रवधू अनीता के साथ मतदान केंद्र पहुंचीं। कई बुजुर्ग मतदाता परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे।

नवमतदाता सुहानी पाराशर ने नगर पालिका कॉलोनी स्थित शिशु घर विद्यालय के बूथ पर पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मेडिकल टीम भी तैनात रही।

EVM में कैद हुई प्रत्याशियों की किस्मत

मतदान समाप्त होने के साथ ही तीनों निकायों के सभी प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद हो गई है। अब प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदान के आंकड़ों के आधार पर जीत-हार के सियासी समीकरण लगाने में जुट गए हैं। चुनाव परिणाम आने तक प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ी रहेंगी।

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