Chittorgarh Aathm Mahotsav Samiti celebrated the birth anniversary of Maharana Pratap by vowing to follow in his footsteps.

चित्तौड़ी आठम महोत्सव समिति ने मनाई महाराणा प्रताप जयंती
चित्तौड़गढ़, 18 जून। चित्तौड़ी आठम महोत्सव समिति द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर प्रताप सर्कल स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य, त्याग और स्वाभिमान को याद किया गया।
समिति अध्यक्ष मुकेश नाहटा ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं, बल्कि साहस, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं।
चित्तौड़गढ़ गौरव प्रन्यास के एडवोकेट संदीप सेठिया ने महाराणा प्रताप के शौर्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, संघर्ष और आत्मसम्मान का अनुपम उदाहरण है। कार्यक्रम के दौरान “जय शिवा सरदार की” और “जय राणा प्रताप की” के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
इस अवसर पर अमन गौड़, कुलदीप पारीक, अर्जुन जोशी, मुकेश खटीक, राजवीर कसेरा, राहुल सोनी सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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