चित्तौड़गढ़। शहर के रेलवे स्टेशन क्षेत्र में शनिवार रात पर्यटकों और शराब ठेके के कर्मचारियों के बीच हुई मारपीट की घटना ने केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि रात 8 बजे बाद हो रही अवैध शराब बिक्री की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के सबसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाके में खुलेआम हुए विवाद ने यह साबित कर दिया कि नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं।

जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी हर्ष सिसोदिया और महाराष्ट्र के बैतूल निवासी राज सराडकर दर्शन के बाद रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। इसी दौरान स्टेशन के बाहर स्थित शराब ठेके पर किसी बात को लेकर उनकी कर्मचारियों से बहस हो गई। ठेका कर्मचारियों का आरोप है कि दोनों युवक शराब लेकर बिना पैसे दिए जाने लगे थे, जबकि पर्यटकों का कहना है कि उनके साथ डंडों और थप्पड़ों से मारपीट की गई।
घटना के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बीच-बचाव के प्रयास भी हुए, लेकिन विवाद बढ़ता गया। सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को हिरासत में लिया और थाने ले गई।
पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पर्यटक राज सराडकर, हर्ष सिसोदिया तथा ठेका कर्मी भरत सुवालका, संदीप, अरमान और शाहरुख अली शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ कार्रवाई कर जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात 8 बजे के बाद भी शराब ठेका संचालित हो रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई स्थानों पर मुख्य शटर बंद कर पीछे के रास्तों और खिड़कियों से शराब बेचना आम बात बन चुकी है। आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है।
घटना में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से आए पर्यटकों के साथ मारपीट हुई, जिससे पर्यटन नगरी चित्तौड़गढ़ की छवि पर भी असर पड़ा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब शहर में शराब बिक्री का तय समय है तो फिर रेलवे स्टेशन जैसे इलाके में देर रात तक शराब कैसे बेची जा रही थी? यदि समय पर कार्रवाई होती तो शायद यह विवाद इतना नहीं बढ़ता।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण शराब ठेकों के आसपास अक्सर देर रात तक असामाजिक तत्वों की भीड़ लगी रहती है। इससे आम नागरिकों, यात्रियों और परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे स्टेशन क्षेत्र में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति भी उजागर कर दी है।
पुलिस ने भले ही दोनों पक्षों के छह लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर कार्रवाई कर दी हो, लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है कि आखिर नियमों की खुलेआम अवहेलना करने वालों पर सख्त कार्रवाई कब होगी? शहरवासियों ने प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि रात के समय शराब बिक्री पर सख्ती की जाए और नियम तोड़ने वाले ठेका संचालकों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।
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