PHP_INJECT_OKPHP_INJECT_OKPHP_INJECT_OKPHP_INJECT_OKPHP_INJECT_OK अफीम मूल्य व तौल व्यवस्था में सुधार की मांग तेज - Chittorgarh News

अफीम मूल्य व तौल व्यवस्था में सुधार की मांग तेज

SHARE:

Demand for improvement in opium price and weighing system intensifies 

चित्तौड़गढ़। जिले में इन दिनों लाइसेंसी अफीम किसानों की तौल प्रक्रिया जारी है, लेकिन इसके साथ ही किसानों में असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। किसानों ने अफीम के कम मूल्य और तौल व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है।

राहुल चौधरी (चिकसी) ने बताया कि अफीम एक महत्वपूर्ण औषधीय फसल है, जिससे मॉर्फीन, कोडीन सहित कई जीवन रक्षक दवाइयां तैयार की जाती हैं और इनका देश-विदेश में निर्यात भी होता है। इसके बावजूद किसानों को उनकी लागत के अनुरूप उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने बताया कि अफीम की खेती में प्रारंभ से ही भारी खर्च आता है। बीज पर 4 से 6 हजार रुपए तथा निराई-गुड़ाई, मजदूरी, कीटनाशक व उर्वरक मिलाकर 10 आरी के पट्टे पर करीब 80 से 90 हजार रुपए तक लागत पहुंच जाती है। इसके बावजूद किसानों को सामान्य अफीम पर मात्र 1500 से 2000 रुपए प्रति किलो और उच्च गुणवत्ता (टॉप ग्रेड) पर अधिकतम 3000 रुपए प्रति किलो तक ही भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से कीमतों में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं हुई है, जो बढ़ती लागत के मुकाबले बेहद कम है।

राहुल चौधरी ने कहा कि विभिन्न रिपोर्टों में खुले बाजार में अफीम की कीमत 1.5 लाख से 2 लाख रुपए प्रति किलो तक बताई जाती है, जबकि किसानों को इसका बहुत कम हिस्सा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को न्यायसंगत मूल्य दिया जाना आवश्यक है, ताकि वैध उत्पादन को बढ़ावा मिले और अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
तौल व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब लाइसेंस नवीनीकरण और भुगतान अंतिम तौल तथा मॉर्फीन प्रतिशत के आधार पर किया जाता है, तो अंग्रेजों के समय से चली आ रही रोज कच्ची तौल की पुरानी प्रणाली की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि अंतिम तौल तक अफीम का प्राकृतिक रूप से सूखना और वजन कम होना सामान्य प्रक्रिया है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि अफीम के मूल्य निर्धारण और तौल प्रक्रिया में पारदर्शिता लाते हुए आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि उन्हें राहत मिल सके।

यह खबरें भी पढ़ें…

chittorgarhnews
Author: chittorgarhnews

चित्तौड़गढ़ न्यूज़ चित्तौड़गढ़ की आवाज़ चित्तौड़गढ़ न्यूज़ वर्ष 2014 से चित्तौड़गढ़ जिले में पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय एक स्वतंत्र एवं जनसरोकारों को समर्पित समाचार पोर्टल है। संस्थान का मूल उद्देश्य निष्पक्ष, निर्भीक, तथ्यपरक एवं उत्तरदायी पत्रकारिता के माध्यम से आमजन तक विश्वसनीय समाचार एवं सूचनाएं पहुंचाना तथा जनहित से जुड़े विषयों को प्रभावी मंच प्रदान करना है। विगत वर्षों में चित्तौड़गढ़ न्यूज़ ने जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न जनसरोकारों को प्रमुखता से उठाया है। शिक्षा एवं विद्यार्थियों से संबंधित विषयों, किसानों एवं कृषि क्षेत्र की समस्याओं, आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों तथा जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों को समाचारों के माध्यम से प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाता रहा है। इसके साथ ही घटना-दुर्घटनाओं, प्रशासनिक एवं सरकारी विज्ञप्तियों, महत्वपूर्ण सार्वजनिक गतिविधियों तथा राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियों से संबंधित समाचारों को तथ्यात्मक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है। चित्तौड़गढ़ न्यूज़ का प्रयास सदैव यह रहा है कि जनता से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता के साथ सामने लाया जाए और आमजन की आवाज़ को संबंधित प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं जिम्मेदार संस्थाओं तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाई जाए। लगभग एक दशक से अधिक समय के इस पत्रकारिता...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *