चित्तौडगढ़। कोतवाली चितौडगढ पुलिस द्वारा पकडे गये नकली नोट गिरोह के संबंध में दर्ज प्रकरण का अनुसन्धान बिजयपुर थानाधिकारी प्रभुसिंह चुण्डावत द्वारा किया जा रहा है। अनुसन्धान के दौरान नकली नोट तैयार करने वाले गिरोह से पूछताछ में कई अहम साक्ष्य सामने आये है।

घटनाक्रम के संदर्भ में पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह के निर्देशन में थानाधिकारी बिजयपुर द्वारा साईबर टीम के साथ गिरफ्तार आरोपी आसिफ अली पिता नूर मोहम्मद फकीर मुसलमान, आदिल खान पिता अब्दुल गफूर खॉ मुसलमान निवासी सारोला कलां झालावाड़ एंव शाहनवाज पिता मंसूर अहमद मुसलमान निवासी कैथून कोटा से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
आरोपियों की रिमाण्ड अवधी समाप्ति पर पुनः न्यायालय से 04 दिन का रिमाण्ड प्राप्त किया गया। पूछताछ में शहर में पावटा चैक के आस पास से रेडी, ठेले तथा सब्जी वाले बुजुर्ग, कम पढे लिखे, महिला पुरूषों को कुछ सामान खरीद कर दिये नकली 500-500 के नोट, किरायेशुदा कमरा गम सारोला कलां से नकली 500-500 के नोट तैयार करने के उपकरण व सामग्री बरामद, नकली नोट चलाने के लिये आने जाने हेतु काम में ली गई मोटरसाईकिल पर भी फर्जी नम्बर प्लेट लगी पाई गई, शातिर दिमागी आरोपी द्वारा अपने ही गाँव में दूसरे मोहल्ले में कमरा किराये पर लेकर वहाँ नकली 500-500 के नोट तैयार किये तथा मकान मालीक को ऑन लाईन कम्प्युटर का काम करने की कह कर विश्वास में लिया गया ,जिसे नकली नोट तैयार करने की भनक तक नही लगने दी।
आरोपियों द्वारा नकली नोट बाजार में चलाने के वक्त अपनी पहचान ना हो इसके लिये अपने गाँव एवं क्षेत्र से दूर का स्थान चयन किया गया, जिसमें पिकनीक का स्थान, पिकनीक की जगह, धार्मिक स्थान, भीड भाड वाले बाजार तथा रेडी, थडी, सब्जी वाले एवं बुजुर्ग व महिला को नकली नोट देकर कुछ रूपये का सामान खरीद कर नकली नोट चलाने का प्लान तैयार किया गया।
प्लानिंग कर सोशल मीडिया एवं चैट जीपीटी एप के जरिये चैटिंग कर नोट तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर नकली नोट तैयार करने की तकनीक व सामग्री कलर प्रिन्टर, पेपर, इंक, तथा केमीकल, साँचा, हरी टेप, वाटर मार्क तैयार करने का लकडी का स्कीन फेम, इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त कर विभीन्न जगहों व ऑनलाईन अमेजन, फिलीप कार्ड से मंगवाकर तैयार किये गये है।
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