नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए भ्रष्टाचार पर अंकुश जरूरी – पूर्व पार्षदों की मांग

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नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए भ्रष्टाचार पर अंकुश जरूरी – पूर्व पार्षदों की मांग

 

चित्तौड़गढ़। नगर परिषद चित्तौड़गढ़ में पिछले पाँच वर्षों में व्यापक भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भाजपा के पूर्व पार्षदों ने सोमवार को प्रशासक महोदय मल्होत्रा से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व पार्षद छोटू सिंह शेखावत, रामचन्द्र गुर्जर, हरिश गुरनानी, चेतन खत्री व महेन्द्रसिंह राणावत ने परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

 

पूर्व पार्षदों ने बताया कि नगर परिषद पर करीब 25 करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ चुका है, जिसका मुख्य कारण भ्रष्टाचार और लापरवाही है। घर-घर कचरा संग्रहण के लिए 42 गाड़ियां स्वीकृत की गईं, लेकिन ठेकेदार द्वारा मात्र 20 गाड़ियां ही लगाई जा रही हैं। इसके बावजूद प्रति गाड़ी लगभग 40,000 रुपये का मासिक भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है।

 

इसी प्रकार उद्यान रखरखाव मद में प्रतिमाह 12 से 13 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जबकि पार्कों की घास कटाई, सफाई और पौधों की देखभाल तक नहीं की जा रही। वर्ष 2024-25 में तो ठेकेदार ने कोई कार्य नहीं किया, न एमबी डायरी भरी गई और न ही बिल बनाए गए। इसके बावजूद हाल ही में अचानक एक करोड़ रुपये का बिल तैयार कर देने का आरोप लगाया गया है, जिसे पूर्व पार्षदों ने “कमीशनखोरी” की सेटिंग का परिणाम बताया।

 

प्रशासक मल्होत्रा को सौंपे ज्ञापन में पार्षदों ने मांग की कि कचरा संग्रहण में 42 गाड़ियों की वास्तविक सूची, उनके ड्राइवर व हेल्पर की जानकारी सहित सार्वजनिक रूप से नगर परिषद कार्यालय के बाहर चस्पा की जाए। साथ ही, उद्यान रखरखाव और कचरा संग्रहण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

 

पूर्व पार्षद छोटू सिंह शेखावत ने कहा कि जब तक नगर परिषद से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, तब तक शहर को स्वच्छ और सुंदर नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों को निलंबित करने की मांग भी उठाई।

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Author: chittorgarhnews

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