गली-मोहल्लों में गूंजा गणपति बप्पा मोरया, भव्य विसर्जन समारोह में उमड़ी अपार श्रद्धा

(इलियास मोहम्मद/मुकेश लड्ढा)
चित्तौड़गढ़। गणेश चतुर्थी से प्रारंभ दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी पर श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और दिनभर गली-मोहल्लों में “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे गूंजते रहे।
शनिवार को उपनगरीय क्षेत्रों से सुबह से ही ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और डीजे की थाप पर नाचते-गाते श्रद्धालु गणपति प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए गंभीरी नदी तट लेकर पहुंचे। भक्तों ने भगवान गणेश को भावभीनी विदाई देते हुए “अगले बरस तू जल्दी आ” का आह्वान किया।
घर-घर से छोटे-बड़े गणेश प्रतिमाओं को सिर और कंधों पर लेकर श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंचे। शहर की सड़कों पर अबीर-गुलाल और रंग-बिरंगे गुलाल की बौछार से माहौल रंगीन हो गया।
शोभायात्रा बनी भव्य नजारा
शहर के गोलप्याउ और सुभाष चौक क्षेत्रों में पहुंची गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा का दृश्य किसी मेले से कम नहीं था। आकर्षक प्रतिमाओं के साथ सजाए गए पांडालों और चल समारोहों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। देर रात तक यह भव्य जुलूस शहरभर में चलता रहा।
नगर परिषद और प्रशासन द्वारा विसर्जन व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए गए। आयोजकों से प्रतिमाओं को स्वीकार कर सिविल डिफेंस के कार्मिकों ने उन्हें नदी में विधिवत विसर्जित किया।
प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क
जिले के सबसे बड़े अनंत चतुर्दशी पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस चाक-चौबंद रहे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थे।
जिला मजिस्ट्रेट आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने शहर के विभिन्न इलाकों और गंभीरी तट का दौरा कर अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। गोलप्याउ चौराहे और संवेदनशील स्थलों पर पुलिस, एसटीएफ और अन्य सुरक्षा बल तैनात किए गए।
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