शहर के सेतु मार्ग पर सजा मूर्ति बाज़ार

चित्तौड़गढ़, 20 अगस्त। श्री गणेश चतुर्थी पर्व नजदीक आते ही चित्तौड़गढ़ नगर सहित जिलेभर में गणेशोत्सव की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। आगामी 27 अगस्त से प्रारंभ होने वाला यह दस दिवसीय उत्सव श्रद्धालुओं और भक्तों के लिए उल्लास, उमंग और धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा।
शहर के धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ ही विभिन्न समितियां इस आयोजन को भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारियों में जुट गई हैं। जगह-जगह पंडाल सजाने, शोभायात्राओं की योजना बनाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का खाका तैयार करने का काम तेज़ हो गया है।
🎨 मूर्तिकारों की व्यस्तता
इधर, मूर्तिकार भी गणेशोत्सव की तैयारी में पीछे नहीं हैं। उनके घर-आंगनों में इस समय श्री गणेश प्रतिमाओं के रंग-बिरंगे रूपों की झलक देखने को मिल रही है। छोटी मूर्तियों से लेकर विशालकाय प्रतिमाओं तक का निर्माण किया जा रहा है। इन प्रतिमाओं की कीमत न्यूनतम 51 रुपये से लेकर अधिकतम 18 हजार रुपये तक रखी गई है।
खास बात यह है कि इस वर्ष भी मूर्तिकारों ने मुंबई के प्रसिद्ध ‘लालबागचा राजा’ की प्रतिकृति शैली की प्रतिमाएं बनाई हैं, जो लोगों को विशेष आकर्षित कर रही हैं। प्रतिमा निर्माण में मूर्तिकार अपने पूरे परिवार के साथ जुटे हुए हैं और दिन-रात अथक परिश्रम कर रहे हैं।
🙏 श्रद्धा और आस्था का संगम
गणेश चतुर्थी का पर्व सिर्फ धार्मिक आस्था का ही नहीं बल्कि सामाजिक मेलजोल और उत्साह का भी प्रतीक है। हर बार की तरह इस बार भी जिलेभर में गणेशोत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। पंडालों में गणपति बप्पा की भव्य आराधना होगी, तो शोभायात्राएं भी नगरवासियों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
मूर्तिकारों का मानना है कि इस बार भी भक्तों की गहरी आस्था उन्हें अच्छे व्यापार और समृद्धि की उम्मीद दिला रही है।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता








