चित्तौड़गढ़। प्रभारी सचिव एवं उद्योग विभाग के प्रमुख शासन सचिव आलोक गुप्ता ने रविवार को जिले के गंगरार उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, अजोलिया खेड़ा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर पाई गई। प्रभारी सचिव ने बताया कि विद्यालय भवन न केवल अत्यंत पुराना है, बल्कि बारिश के दौरान ग्रामीण जलभराव की समस्या के चलते परिसर में पानी भर जाता है, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विद्यालय को एक माह के भीतर निकटवर्ती सुरक्षित विद्यालय में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला कलक्टर आलोक रंजन ने भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक विद्यालय को अन्यत्र शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक विद्यार्थियों को जर्जर भवन वाले हिस्से में प्रवेश नहीं करने दिया जाए और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जाए। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी पंकज बड़गूजर, तहसीलदार पुष्पेन्द्र सिंह, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, एडीपीसी प्रमोद दशोरा तथा जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक उपस्थित रहे।

जर्जर भवनों से जनहानि रोकने हेतु जिला एवं राज्य स्तर पर स्थाई समितियों का गठन
जिले में जर्जर भवनों एवं संरचनाओं के कारण संभावित जनहानि की रोकथाम के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला एवं राज्य स्तर पर विशेष स्थाई समितियों का गठन किया गया है। जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बताया कि राजकीय विद्यालयों, छात्रावासों, महाविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों, कार्यालय भवनों तथा सड़कों के पुल-पुलियाओं की सुरक्षा की समय-समय पर समीक्षा एवं मरम्मत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह समितियां बनाई गई हैं। राज्य स्तर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति सभी शासकीय भवनों, सड़कों एवं पुलों का सुरक्षा अंकेक्षण कराएगी। समिति द्वारा जर्जर एवं असुरक्षित भवनों का चिन्हीकरण, ध्वस्तीकरण, मरम्मत हेतु लागत आकलन तैयार करवाना एवं वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। साथ ही यह समिति प्रत्येक वर्ष जून माह से पूर्व सभी राजकीय भवनों की मरम्मत कार्य पूर्ण करवाने तथा मासिक समीक्षा करने का कार्य करेगी। इसी प्रकार जिला स्तर पर गठित स्थाई समिति की अध्यक्षता जिला कलक्टर करेंगे। इसमें जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला महाप्रबंधक उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र तथा कलक्टर द्वारा नामित अन्य आमंत्रित अधिकारी सदस्य होंगे। जिला स्तरीय समिति विभागों से समन्वय कर उपखंड स्तर पर भी आवश्यकता अनुसार समितियों का गठन करेगी, जो असुरक्षित भवनों, क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलों की सुरक्षा अंकेक्षण रिपोर्ट तैयार करेंगी। वर्षा ऋतु में भवनों के गिरने, बिजली करंट, बाढ़ में डूबने, जलभराव व क्षतिग्रस्त रपटों व पुलियाओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समय पर समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे एवं तत्परता से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्थाई समितियां प्रत्येक वर्ष 15 जून से पूर्व सभी असुरक्षित भवनों एवं पुलों का चिन्हीकरण एवं आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करेंगी, जिससे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता








