जल जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों को पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश

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जल शक्ति अभियान की बैठक सम्पन्न

चित्तौड़गढ़। जल शक्ति अभियान पोर्टल पर सभी लाईन विभाग शत-प्रतिशत डेटा 30 मई से पूर्व दर्ज करें। यह निर्देश जिला कलक्टर आलोक रंजन ने शनिवार को समिति कक्ष में आयोजित अभियान की समीक्षा बैठक में उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों को दिये।

उन्होने बताया कि इस अभियान का क्रियान्वयन जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा किया गया है। इस अभियान की थीम ’’जल संचय, जन भागीदारी’’ रखी गई है। अभियान की समीक्षा करते हुए जिले में गत 5 वर्षो में 21 मार्च 25 तक निर्मित विभिन्न जल संग्रहण संरचनाओं को 30 मई तक सावधानीपूर्वक पोर्टल पर दर्ज किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिला कलक्टर ने वर्षा जल संग्रहण एवं सरंक्षण की सरंचनाएं, परम्परागत जल संरचनाओं के पुर्नोद्धार, पुर्नभरण एवं पुर्नउपयोग की संरचनाएं, जलग्रहण विकास गतिविधियां, सघन वृक्षारोपण और प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों को पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिये।

उन्होने कहा कि इस वर्ष जल शक्ति अभियान-2025 को दिनांक 22.03.2025 से प्रारम्भ किया गया है, जो दिनांक 30.11.2025 तक प्रभावी रहेगा। भारत सरकार द्वारा अभियान के तहत जल संचयन का कार्य आमजन की भागीदारी एवं जागरूकता के माध्यम से किये जाने का लक्ष्य दिया गया है। अभियान के प्रभावी परिणाम प्राप्त करने हेतु वर्षा जल संरक्षण/ संचयन से संबंधित समस्त कार्य वर्षा काल से पूर्व ही सम्पादित कराये जावें। साथ ही केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जावे। इसके अतिरिक्त अधिक से अधिक जन भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रयास किये जावें। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जल-जंगल-जन : एक प्राकृतिक बंधन अभियान को भी सफलतापूर्वक सम्पादित करें और सभी विभाग पोर्टल पर 22 मार्च से अब तक पूर्ण हुए सभी संरचनाओं और गतिविधियों को आगामी एक सप्ताह में फीड करें और 30 नवम्बर तक पूर्ण होने वाली संरचनाओं सहित गतिविधियों/कार्यक्रमों को नियमित रूप से अद्यतन करें।

बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक ने बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समस्त जल संग्रहण/संचयन ढ़ाचों की आवक पर रूकावट, अतिक्रमण इत्यादि को वर्षाकाल से पूर्व हटाया जाकर पानी की आवक को बढ़ाया जावें। कृषि विज्ञान केन्द्र पर कृषकों एवं आमजन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से किया जावे। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के अन्तर्गत अधिक से अधिक जल संग्रहण संरचानाओं को प्राथमिकता के साथ मानसून पूर्व पूर्ण करने का प्रयास करें। महिला एवं बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार समस्त सरकारी एवं स्कूली भवनों राजकीय भवनों पर रूफ टॉप जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कराया जावें। अटल भू-जल योजना के तहत बनाये गये जल सुरक्षा योजना को ग्राम पंचायत के जी.पी.डी.पी. में सम्मिलित किया जावें। जल स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पेयजल स्त्रोतों को सुदृढ़ बनाये जावें।

इस दौरान बैठक में पोर्टल पर डेटा/प्रगति दर्ज करने हेतु प्रशिक्षण भी दिया गया हैं। बैठक में अति. मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पूरोहित, अधीक्षण अभियंता वाटरशेड बद्रीलाल जाट, अधीक्षण अभियंता पी.एच.ई.डी. सुनीत गुप्ता, संयुक्त निदेशक, कृषि दिनेश कुमार जागा, आयुक्त नगर परिषद जितेन्द्र मीणा, अधिशाषी अभियंता राज कुमार शर्मा, रामलाल मालव, राजेन्द्र लड्ढ़ा, विशाल सोनी, उप निदेशक उद्यान एस.एल.जाट सहित वन विभाग के रेंज ऑफिसर, सार्वजनिक निर्माण विभाग के तकनिकी सहायक आदि उपस्थित थें।

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Author: chittorgarhnews

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