A man carrying a reward of Rs 10,000, who was absconding for two years in a firing and attempt to murder case, has been arrested.

ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2 के तहत बेगूं थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई
चित्तौड़गढ़, 11 जून। जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2 के तहत बेगूं थाना पुलिस ने फायरिंग एवं हत्या के प्रयास के मामले में करीब दो वर्षों से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मामले में पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। 30 मई 2024 को पाछुन्दा निवासी दीपक शर्मा ने बेगूं थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी जेसीबी को चालक हेमराज भील चला रहा था। 29 मई 2024 की रात करीब 10:50 बजे मडावदा क्षेत्र के डेर नामक स्थान पर तीन मोटरसाइकिलों पर आए आरोपियों ने जेसीबी को रुकवाया और चालक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
रिपोर्ट के अनुसार आरोपी अशोक खाती ने अवैध देसी कट्टे से हेमराज भील पर जान से मारने की नीयत से तीन फायर किए। फायरिंग के बाद चालक जान बचाकर मौके से भाग गया और मोबाइल फोन के जरिए घटना की सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने मामले में शामिल तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य वांछित आरोपी कन्हैयालाल उर्फ काना गुर्जर (26) निवासी मडावदा पिछले करीब दो वर्षों से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय चित्तौड़गढ़ द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
गठित पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी को डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।
कार्रवाई में डीएसपी अंजली सिंह, थानाधिकारी कमल चन्द्र, एएसआई शंकरलाल, कांस्टेबल हंसराज, धर्मवीर, गजराज सिंह एवं ललित सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता







