चित्तौड़गढ़। जिले के पालोद थाना क्षेत्र के छिपा खेड़ा निवासी राधेश्याम बावरी की कथित रूप से झूठे आरोपों के चलते अवैध गिरोह द्वारा की गई सामूहिक हिंसा और बर्बरतापूर्ण मारपीट के बाद हुई मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को ग्रामवासियों और समाजसेवियों ने भरत श्रीमाली एवं गोपाल सालवी के नेतृत्व में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने राधेश्याम को झूठे आरोपों में फंसाकर अवैध गिरोह बनाते हुए आपराधिक षडयंत्र रचा और बिजली के पोल से बांधकर सामूहिक रूप से बेरहमी से पीटा। आरोप है कि आरोपियों ने लात-घूंसे, लाठियों और सरियों से घंटों तक पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
ग्रामवासियों का कहना है कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है और स्थानीय पुलिस राजनीतिक दबाव में आकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि मृतक राधेश्याम ही परिवार का एकमात्र सहारा था, जिसके पीछे पत्नी, छोटे बच्चे और वृद्ध मां बेसहारा हो गए हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा एवं मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही, मामले में लापरवाह पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन के दौरान समाज के चान्दमल, रोशन, मुकेश, ईश्वर, शंकर, नानुराम, मांगीबाई, संगीता, रेखा, हुलासी, सुन्दरबाई, कालू, नारायण, भुरालाल, जसोदा बाई, चान्दू, शांतिबाई, माधुलाल, बंशीलाल, नारूलाल, संतोषीबाई सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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