जिला कारागृह का किया निरीक्षण,क्षमता 338 बंदियों की वर्तमान में 537 बंदी

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चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश भानु कुमार द्वारा मंगलवार को जिला कारागृह का निरीक्षण किया गया। जिला कारागृह में निर्मित बैरकों, रसोईघर, स्नानघर एवं शौचालयों का निरीक्षण किया गया। बैरकों में लाइट एवं पंखों की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया जो समुचित पाई गई।

बंदियों को दिए जाने वाले पेयजल एवं खान-पान की वस्तुओं को जांचा व परखा गया जो नियमानुसार सही पाई गईं। गत निरीक्षणों के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चित्तौड़गढ़ द्वारा जेल अधिकारियों को बंदियों की पढ़ाई-लिखाई बाबत निर्देश दिए गए थे, जिसकी अनुपालना में जेल परिसर में साक्षर बंदियों द्वारा अन्य निरक्षर बंदियों को पढ़ाया-लिखाया जा रहा था। गत निरीक्षण के दौरान बंदियों के भजन कीर्तन की मांग के संबध में निर्देश दिए गए थे जिसकी अनुपालना में बंदियों को भजन कीर्तन हेतु तबला, हारमोनियम आदि उपलब्ध कराया जाकर भजन कीर्तन किया जा रहा था।

बैरकों में महिला व पुरुष बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में उनसे वार्ता की गई। कारागृह में स्थित महिला बैरक का भी निरीक्षण किया गया। महिलाओं से उनको दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गई, जिसे समुचित पाया गया। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में बंदियों की परेड करवाई जाकर प्रत्येक बंदी से जेल सुविधाओं व उनके लंबित प्रकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा उनके बताए अनुसार समस्यों के निराकरण हेतु कारापाल योगेश कुमार तेजी को मौके पर ही आदेशित किया गया। साथ ही बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी बताया गया। जेलर कारापाल योगेश कुमार तेजी द्वारा बताया कि नये आने वाले बंदियों को बैरक संख्या 10 में रखा जाता है जिस पर बैरक संख्या 10 का निरीक्षण कर बंदियों को दी जाने वाली सुविधाओं व उनकी समस्याओं के बारे मे पुछा गया तथा व्यवस्थाओं में बारे में जानकारी प्राप्त की व बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के तहत अधिवक्ता की आवश्यकता के बारे में पुछा गया तो एक बंदी द्वारा अधिवक्ता की आवश्यकता जाहिर की जिस पर जेलर योगेश कुमार तेजी को मौके पर ही विधिक सहायता फार्म भरवाने हेतु निर्देशित किया। जेलर योगेश कुमार तेजी ने यह भी बताया कि प्रतिदिन सुविधानुसार बंदियों के परिजनों से उनकी बात करवाई जाती है। जिला कारागृह की कुल क्षमता 338 बंदियों की है किन्तु वर्तमान में 537 बंदी जो कि क्षमता से अधिक बंदी होने से उच्चाधिकारियों से बात कर बंदियों को अन्य जेल में भेजे जाने के निर्देश दिए गए।

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Author: chittorgarhnews

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