42 महिलाओं और युवतियों ने लिया प्रवेश, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

चित्तौड़गढ़। महिलाओं एवं युवतियों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रियांशी एजुकेशनल, कल्चरल एवं सोशल सोसायटी ने मनाल फाउंडेशन के सहयोग से चित्तौड़गढ़ में छह माह के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 जुलाई 2026 से शुरू होकर 31 दिसंबर 2026 तक गांधीनगर, सेक्टर-5 स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर संचालित किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की 42 महिलाओं एवं युवतियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को रोजगारपरक एवं व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
उद्घाटन अवसर पर संस्था की निदेशक डॉ. शालिनी सक्सेना ने उपस्थित प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें मनाल फाउंडेशन एवं प्रियांशी संस्था द्वारा संचालित सामाजिक विकास एवं महिला सशक्तिकरण संबंधी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य, पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण की उपयोगिता तथा प्रशिक्षण उपरांत मिलने वाले संभावित रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने फीता काटकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया तथा सभी प्रतिभागियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने कौशल का विकास करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में कौशल विकास महिलाओं की आर्थिक उन्नति का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं एवं युवतियों को व्यावसायिक दक्षता प्राप्त हो सके और वे अपने परिवार तथा समाज के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें।
प्रियांशी एजुकेशनल, कल्चरल एवं सोशल सोसायटी एवं मनाल फाउंडेशन की यह संयुक्त पहल जिले में महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
चित्तौड़गढ़ में प्रियांशी एजुकेशनल, कल्चरल एवं सोशल सोसायटी और मनाल फाउंडेशन के सहयोग से 42 महिलाओं एवं युवतियों के लिए 6 माह का कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है।
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Author: Ilyas
पिछले 10 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता





