Hindustan Zinc’s Chanderiya smelter is the first plant in the country to receive the ‘Zinc Mark’.

उदयपुर, 30 अप्रैल। देश की अग्रणी जिंक उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर को अंतरराष्ट्रीय ‘जिंक मार्क’ प्रमाणन दिलाया है। यह भारत का पहला प्लांट है जिसे ‘कॉपर मार्क एश्योरेंस प्रोसेस’ के तहत जिंक मार्क मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया गया है।
‘जिंक मार्क’ एक वैश्विक स्तर का प्रमाणन है, जो यह सुनिश्चित करता है कि संबंधित प्लांट पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक (ईएसजी) मानकों पर जिम्मेदारीपूर्वक कार्य कर रहा है। इसमें कम कार्बन उत्सर्जन, ऊर्जा दक्षता, जल प्रबंधन, कचरा निपटान, कर्मचारियों की सुरक्षा, मानवाधिकारों का सम्मान और पारदर्शी व्यापारिक नीतियों जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है।
कंपनी के सीईओ अरुण मिश्रा ने इस उपलब्धि पर कहा कि चंदेरिया स्मेल्टर को ‘जिंक मार्क’ मिलना केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदार और पारदर्शी मेटल उत्पादन की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि कम्पनी इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करते हुए जिम्मेदार खनन प्रथाओं को बढ़ावा दे रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की विश्वसनीयता मजबूत हो रही है।
कॉपर मार्क और जिंक मार्क फ्रेमवर्क के तहत प्रमाणित इकाइयों का मूल्यांकन न केवल परिचालन दक्षता बल्कि समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव और मानवाधिकारों के सम्मान के आधार पर भी किया जाता है। यह प्रमाणन ईएसजी रेटिंग से आगे बढ़कर निरंतर सुधार को प्रोत्साहित करता है।
उल्लेखनीय है कि हिन्दुस्तान जिंक को हाल ही में एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2025 में लगातार तीसरे वर्ष दुनिया की सबसे सस्टेनेबल मेटल्स एवं माइनिंग कंपनी का दर्जा मिला है। कंपनी का फोकस कार्बन उत्सर्जन में कमी, जल संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने पर है।
इस उपलब्धि के साथ हिन्दुस्तान जिंक ने वैश्विक वैल्यू चेन में भारत की स्थिति को और अधिक सशक्त किया है।
यह खबरें भी पढ़ें…






